इस अवसर पर मां बिरासिनी सेवा समिति द्वारा विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। परंपरा के अनुसार मां बिरासिनी को 56 भोग अर्पित किया गया, जिसे देखने और उसमें सहभागी बनने के लिए भक्तों में खास उत्साह रहा। इसके साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सभी वर्गों के लोगों ने बिना किसी भेदभाव के सहभागिता की, जिससे सामाजिक समरसता का भी संदेश मिला।
मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास को और अधिक बढ़ाने के लिए देवी जागरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया जा रहा है। भजन-कीर्तन और माता के गुणगान से वातावरण पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर है। देर रात तक चलने वाले इस जागरण में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहर से आए भजन गायकों द्वारा प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कुल मिलाकर, साल के पहले दिन मां बिरासिनी के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की यह भीड़ जिले की धार्मिक आस्था और परंपराओं की मजबूत झलक पेश करती है। नए साल की शुरुआत भक्तों ने मां के आशीर्वाद के साथ की, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मकता और विश्वास का माहौल बना हुआ है।
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