हरियाणा के नारनौल क्षेत्र में शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सर्दियों की पहली बारिश मावठ के रूप में हुई। करीब तीन माह के लंबे सूखे के बाद हुई इस बारिश ने जहां किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी, वहीं शहर के निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को कुछ परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। जिला में तीन माह से बारिश नहीं हुई थी। जिसके कारण किसान परेशान थे। बारिश नहीं होने से रात के समय सूखी ठंड ज्यादा पड़ रही थी। सूखी सर्दी की वजह से लोग व किसान परेशान हो रहे थे। हालांकि दो-तीन दिन से मौसम साफ बना हुआ था तथा लगातार तापमान भी बढ़ रहा था। फसलों के लिए अच्छी वहीं अब सर्दियों की (मावठ) की बारिश को रबी फसलों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। किसान प्रकाश सिंह, भूपेंद्र यादव और विजय सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण फसलों पर बुरा असर पड़ रहा था। खासकर इस बार सूखी ठंड के चलते सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ था। अब इस बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों में दोबारा जान आएगी। गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी की फसलों को मावठ से सीधा फायदा मिलेगा। नहीं करनी पड़ेगी सिंचाई किसानों का कहना है कि यह बारिश जमीन की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ सिंचाई पर होने वाले खर्च को भी कम करेगी। तीन माह के सूखे के बाद हुई यह बारिश उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। शहर में हुआ जलभराव वहीं दूसरी ओर बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। पार्क गली सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को असुविधा हुई। लोगों ने नगर परिषद से जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। बढ़ सकती है ठंड मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के बाद ठंड में फिर से बढ़ोतरी होगी। लोगों का कहना है कि मावठ के बाद सर्दी का असर तेज हो जाता है। साथ ही अगले एक-दो दिनों में सुबह के समय कोहरा छाने की संभावना भी जताई जा रही है।
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