कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नारायणपुर थाना पुलिस ने सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल पेश करते हुए अपने ही थाने में वर्षों से कार्यरत सफाईकर्मी के परिवार के साथ भाई का फर्ज निभाया। थाना पुलिस ने सफाई कर्मी ललिता देवी की दो बेटियों की शादी में मायरा भरते हुए आर्थिक और सामाजिक मदद दी।
जानकारी के अनुसार, ललिता देवी पत्नी कैलाशचंद निवासी वाल्मीकि मोहल्ला, नारायणपुर पिछले लगभग 40 वर्षों से पुलिस थाना नारायणपुर में सफाई का कार्य कर रही हैं। उनकी दो बेटियों अंजु और संजु की शादी 11 मार्च 2026 को तय हुई थी। लेकिन ललिता देवी का कोई भाई नहीं होने के कारण मायरा भरने वाला कोई नहीं था।
इस स्थिति को देखते हुए पुलिस थाना नारायणपुर के पुलिसकर्मियों ने परिवार का साथ देने का निर्णय लिया और भाई बनकर मायरा भरने की जिम्मेदारी उठाई। 10 मार्च 2026 को थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने मिलकर ललिता देवी की दोनों बेटियों के लिए मायरा भरा।
पुलिस थाना नारायणपुर की ओर से मायरे में 1 लाख 61 हजार रुपये की राशि नकद भेंट की गई। इसके अलावा दोनों बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दो सिलाई मशीनें भी उपहार स्वरूप दी गईं, ताकि वे भविष्य में स्वयं रोजगार कर सकें। साथ ही दोनों बेटियों को पांच-पांच जोड़ी कपड़े तथा परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी वस्त्र भेंट किए गए।

यह पहल उप महानिरीक्षक पुलिस सह पुलिस अधीक्षक जिला कोटपूतली-बहरोड़ देवेन्द्र विश्नोई आईपीएस के सुपरविजन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोटपूतली नाजिम अली खान के निर्देशन में की गई। कार्यक्रम में वृताधिकारी बानसूर मेघा गोयल आरपीएस और थाना प्रभारी रोहिताश सहित पुलिस थाना नारायणपुर का समस्त जाब्ता मौजूद रहा।

थाना पुलिस द्वारा निभाई गई इस सामाजिक जिम्मेदारी की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे जरूरतमंद परिवारों को सहारा मिलता है।
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