नालंदा में डीएम कुंदन कुमार की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक की गई, जिसमें कई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
नालंदा में ऐसी अनुपयोगी भूमि, जहां फसल नहीं उगती है, उसे चिह्नित कर वहां इंडस्ट्रीज लगाई जाएंगी और छोटे-बड़े उद्योगों को बढ़ावा देकर बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके अलावा, नव नालंदा, बिहार के पास स्थित झील में वाटर स्पोर्ट्स की
ये बातें नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने सोमवार को कही। जिलाधिकारी ने आज जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय तकनीकी और गैर-तकनीकी पदाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समन्वय की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री पर जोर
बैठक में सबसे अधिक जोर एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों पर दिया गया। डीएम कुंदन कुमार ने कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को निर्देश दिया कि दोनों विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कैंप लगाकर इस कार्य में प्रगति लाएं। उन्होंने मिशन मोड में जमाबंदी के बकेट क्लेम और सत्यापन कार्य को सुनिश्चित करने पर बल दिया।
जिला प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ग्राउंड स्तर पर कृषि विभाग के पदाधिकारियों द्वारा ई-केवाईसी का सत्यापन और राजस्व कर्मचारियों द्वारा फार्मर रजिस्ट्री के तहत जमाबंदी का बकेट क्लेम एवं सत्यापन कार्य तीव्र गति से पूरा किया जाना चाहिए।
बैठक में शामिल पदाधिकारी
जनता दरबार की शिकायतों का शत-प्रतिशत निष्पादन
जिला जनता दरबार की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्ष 2026 में प्राप्त सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत और त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। साथ ही, निष्पादित मामलों की रिपोर्ट गूगल डॉट पर नियमित रूप से अपडेट करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने विशेष रूप से दूरस्थ ग्रामीण और अनपढ़ आवेदकों की समस्याओं के सुगम निष्पादन पर जोर दिया। सभी कार्यालयों में आवेदकों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ीकरण
कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल को निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि जिलेभर में पईन और आहर की सूची के अनुसार सभी अतिक्रमणों को मुक्त कराया जाए, ताकि सिंचाई के लिए निर्बाध रूप से खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा द्वारा उन विद्यालयों की सूची प्रस्तुत की गई जिनमें अतिरिक्त वर्ग कक्ष निर्माण की आवश्यकता है, जर्जर भवन हैं, बेंच-डेस्क की कमी है और चारदीवारी क्षतिग्रस्त है। इन सभी मामलों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर जोर
निर्माण विभागों के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के घटिया कार्य की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार के समझौते की स्थिति में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान
जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जिलेभर में जहां दुर्घटनाओं की अधिक संभावना है, उन ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किया जाए और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जाए।
बैठक में आपूर्ति विभाग को संदिग्ध राशन कार्ड मामलों में तत्काल नोटिस जारी करने और ई-केवाईसी में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सिनेमा हॉल और पेट्रोल पंप के लिए एनओसी से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को खाली पदों की रिक्तियों की सूचना यथाशीघ्र भेजने और भूमि विवाद से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आईसीडीएस के पदाधिकारीगण और प्रखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
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