मनमानी कीमतों से परेशान हुए पर्यटक
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से आए पर्यटकों का कहना है कि नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता बर्फ में और भी आकर्षक लगती है, लेकिन होटल, टैक्सी और खानपान के बढ़े हुए दामों ने उनका बजट बिगाड़ दिया है. कई पर्यटकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि हर बार सीजन में इस तरह मनमानी दरें वसूली जाएंगी, तो दोबारा नैनीताल आने से पहले वे जरूर सोचेंगे.
दोगुने दामों में मिले होटल
बर्फबारी और वीकेंड के दौरान नैनीताल घूमने आए पर्यटकों से लोकल 18 ने बात की और उन्होंने अपनी प्रतिक्रियाएं दी. राजस्थान से आए पर्यटक रितेश गोयल का कहना है कि नैनीताल पहुंचते ही उनका सामना फर्जी गाइडों से हुआ. जहां उन्हें शहर के पर्यटक स्थलों को घुमाने के लिए 3000 रुपये तक का शुल्क लिया गया. जो सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना ज्यादा शुल्क था. उन्होंने बताया कि ज्यादातर समय वो जाम में फंसे रहे और सारे पर्यटक स्थलों का दीदार नहीं कर पाए.
इसके अलावा होटलों के दोगुने दामों से उन्हें काफी परेशानी हुई. जो होटल 1500 रुपये में मिलते हैं उनका टैरिफ 6000 से 7000 तक कर दिया गया. वृंदावन से आए पर्यटक माधव अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने नैनीताल पहुंचकर तीन घंटों तक रूम ढूंढा और अंत में 5500 रुपये का एक ऐसा कमरा मिला जिसमें खिड़की तक नहीं थी. उन्होंने बताया कि ऐसे कई लोग थे जिन्हें नैनीताल की ठंड में उस दिन सड़कों पर रात बितानी पड़ी थी.
दोगुने दामों के बाद भी सिर्फ 2 घंटे दिया हीटर
दिल्ली से नैनीताल बर्फबारी देखने पहुंची स्वीकृति ने बताया कि नैनीताल ओवर क्राउडेड हो चुका है. यहां ज्यादातर चीजें एमआरपी से ऊपर मिल रही हैं, होटल के रेट आसमान छू रहे हैं. उन्होंने बताया कि जू रोड पर एक होटल में वो ठहरी थीं, जहां के होटल कर्मचारियों का व्यवहार काफी बुरा था, उन्हें दोगुने दामों में होटल मिला था. जिसके बाद नैनीताल की ठंड में उन्हें होटल कर्मचारियों ने हीटर के लिए एकस्ट्रा चार्ज किया, और सिर्फ 2 से 3 घंटे के लिए ही हीटर दिया था.
उन्होंने कहा कि वो नैनीताल पहुंचकर काफी निराश हुई, यहां सिर्फ पर्यटकों को लूटा जा रहा है. वहीं ऑनलाइन होटल पहले से ही अब बुक दिखा रहा था, और यहां पहुंचकर जैसे ही वो होटल पहुंची तो वहां रूम के रेट दोगुने हो चुके थे. उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले में सोचना चाहिए ताकि पर्यटक नैनीताल आकर एक अच्छा अनुभव लेकर जाए.
13000 में लिया कमरा
दिल्ली से पहुंचे पर्यटक मुदित मानस मिश्रा का कहना है कि उन्होंने काफी ऑनलाइन होटल ढूंढे, लेकिन कोई भी होटल उपलब्ध नहीं था. जब वो नैनीताल पहुंचे तो एक होटल में उन्हें डबल बैड कमरा मिला, जो बेहद सामान्य रूम था, दो दिनों के लिए उसका चार्ज 13000 रुपये उन्होंने दिया. वहीं कई खाने-पीने की चीजों से लेकर यहां तक कि पानी की बोतल जो सामान्यतः 20 रुपये की मिलती है, नैनीताल शहर में उन्हें 35 रुपये में मिली थी. उन्होंने बताया कि इस तरह नैनीताल मै सिर्फ उन्हें सभी चीजें ओवर प्राइज मिली. उन्होंने बताया कि जैसा नैनीताल के लिए सोचा था यहां आकर चीजे एकदम उससे अलग थीं, जिस वजह से वो काफी निराश हुए.
होटल एसोसिएशन की प्रतिक्रिया
पर्यटकों की इन आरोपों पर होटल एसोसिएशन के सचिव वेद साह ने कहा कि उनके एसोसिएशन में कुल 142 होटल रजिस्टर हैं. लेकिन इन होटलों के दुगनी और तीन गुनी संख्या में नैनीताल में होम स्टे, गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं. जो होटल एसोसिएशन के नियमों का पालन नहीं करते हैं.
उन्होंने बताया कि पर्यटन सीजन के दौरान कई बार ऐसे मामले भी सामने आए हैं जब स्थानीय लोग अपने घरों के कमरों को किराए में पर्यटकों को देते हैं. जिस वजह से पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने जानकारी दी कि होटल एसोसिएशन के संबद्ध होटलों के रेट फिक्स हैं, और प्रत्येक होटल के कमरों की रेट लिस्ट उनके रिसेप्शन में भी लगी हुई है. ताकि पर्यटकों को असुविधा ना हो पाए.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.