जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु निवासी वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर एस. प्रशांत पुत्र शंकर मूर्ति अपनी एक महिला मित्र के साथ जिम कॉर्बेट पार्क के ढिकाला जोन में सफारी के लिए आए थे. प्रशांत ने बताया कि उन्होंने एयरपोर्ट-टू-एयरपोर्ट फुल टूर पैकेज और सफारी बुकिंग रामनगर निवासी फरमान नाम के व्यक्ति के माध्यम से करवाई थी. फरमान खुद को अधिकृत टूर ऑपरेटर बताते हुए सभी व्यवस्थाओं का भरोसा दिलाया था.
सफारी और फर्जी परमिट के नाम पर की धोखाधड़ी
पीड़ित के अनुसार, फरमान के कहने पर वे 23 दिसंबर 2025 की रात करीब 11 बजे दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने होटल में ठहरने का खर्च खुद वहन किया. अगले दिन 24 दिसंबर को फरमान द्वारा भेजी गई टैक्सी से वे दिल्ली से रामनगर पहुंचे, जिसके लिए 9000 रुपये का भुगतान किया गया. रामनगर पहुंचने के बाद उन्होंने कॉर्बेट क्राउन रिसॉर्ट में एक दिन के लिए कमरा बुक किया, क्योंकि 25 दिसंबर की सुबह उनकी सफारी निर्धारित थी. वहीं सफारी के दिन सुबह से ही परेशानी शुरू हो गई. पीड़ित का आरोप है कि फरमान ने जिप्सी भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन दोपहर तक कोई जिप्सी नहीं पहुंची. बाद में फरमान खुद मौके पर आया और यह कहकर टाल दिया कि दोपहर की सफारी रद्द हो गई है. जब 26 दिसंबर की सफारी के बारे में पूछा गया तो उसने साफ इनकार कर दिया. संदेह होने पर जब पीड़ित ने दिए गए परमिट की जांच करवाई, तो पता चला कि वह पूरी तरह फर्जी था.
1.5 लाख की हुई धोखाधड़ी
पीड़ित ने बताया कि फरमान ने फरवरी 2026 में नागपुर स्थित पेंच टाइगर रिजर्व की सफारी बुकिंग के नाम पर भी 22 हजार रुपये एडवांस ले रखे हैं, लेकिन उसका भी कोई वैध परमिट अब तक नहीं दिया गया है. बेंगलुरु से रामनगर आने-जाने, ठहरने, खाने और अन्य खर्चों को मिलाकर कुल नुकसान करीब 1.50 लाख रुपये तक पहुंच गया. आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उन्हें मानसिक तनाव और समय की भी भारी क्षति उठानी पड़ी है.
पुलिस ने शुरू की जांच, पार्क वार्डन कि अपील
पीड़ित ने पूरे मामले की तहरीर रामनगर पुलिस को सौंपी, जिसके बाद पुलिस ने फरमान को थाने बुलाकर पूछताछ शुरू की है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल ने बताया कि फर्जी वेबसाइटों और अवैध टूर ऑपरेटर्स के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है. उन्होंने पर्यटकों से अपील की है कि सफारी बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से ही करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके. इस घटना ने नए साल में जिम कॉर्बेट आने वाले सैलानियों के लिए एक बड़ा सबक छोड़ दिया है कि सस्ती या आकर्षक ऑनलाइन डील के चक्कर में बिना जांच-पड़ताल के बुकिंग करना भारी पड़ सकता है.
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