ग्रामीण परिवेश से आने वाली सरकारी स्कूल की आठवीं कक्षा की तीन छात्राओं का एक अनोखा सपना उस समय साकार हो गया, जब उन्हें पहली बार हेलीकॉप्टर की सवारी करने का अवसर मिला। पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्राओं को यह विशेष उपहार दिया, जिससे बच्चियों की खुशी देखने लायक थी।
टेस्ट में टॉप करने पर पूरा हुआ सपना
नागौर जिले के एक सरकारी स्कूल में बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों का एक टेस्ट आयोजित किया गया था। इस टेस्ट में ज्योति, रंजना और खुशी नाम की तीन छात्राओं ने बेहतरीन अंक हासिल करते हुए टॉप किया। स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने बताया कि जब इन छात्राओं से उनके सपनों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनका सपना जीवन में एक बार हेलीकॉप्टर में बैठने का है।
प्रिंसिपल ने तय किया सपना पूरा करना
ग्रामीण इलाके से आने वाली इन छात्राओं के लिए हेलीकॉप्टर में बैठना एक बड़ा सपना था। छात्राओं की मेहनत और उनके सपने को देखते हुए प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने निर्णय लिया कि उनके इस सपने को पूरा किया जाएगा। इसके लिए विशेष व्यवस्था करने की योजना बनाई गई।
अनुमति न मिलने पर चौमूं ले जाया गया
शुरुआत में छात्राओं को नागौर में ही हेलीकॉप्टर की सवारी कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन वहां प्रशासनिक अनुमति नहीं मिल सकी। इसके बाद छात्राओं को जयपुर के पास चौमूं लाया गया, जहां उन्हें हेलीकॉप्टर में बैठाकर आसमान की सैर करवाई गई। जैसे ही हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, तीनों छात्राओं के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया।
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आसमान से दुनिया देखने का नया अनुभव
हेलीकॉप्टर की उड़ान के दौरान छात्राओं के लिए अपने आसपास के इलाके को आसमान से देखना एक नया और रोमांचक अनुभव था। यह पल उनके लिए बेहद खास और यादगार बन गया।
छात्राओं ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका सपना इतनी जल्दी पूरा हो जाएगा। उनके लिए हेलीकॉप्टर में बैठना जिंदगी का सबसे यादगार अनुभव बन गया। उन्होंने कहा कि अब वे और अधिक मेहनत से पढ़ाई करेंगी और आगे बढ़कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन करेंगी।
पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की पहल
स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका के अनुसार इस पहल का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करना है। उनका मानना है कि यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे अपने बड़े से बड़े सपने को भी पूरा कर सकते हैं। ऐसे प्रयास सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में सहायक होते हैं।
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