नागौर में मामूली विवाद में चचेरे भाई ने 12 साल के बच्चे की हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में फेंक दिया। बच्चे के अचानक लापता होने पर परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई। पुलिस ने गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो फुटेज में एक संदिग्ध युवक नजर आया, जो रिश्ते में मृतक का चचेरा भाई था। पड़ोस में ही रहता है। पुलिस ने पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। आरोपी की निशानदेही पर एक दिन से लापता मासूम की बॉडी को आज शुक्रवार को गांव की सरहद पर झाड़ियों में से बरामद किया गया। मामला नागौर के खींवसर थाना क्षेत्र के कुड़छी गांव का है। एएसआई कन्हैया लाल ने कहा- मामले में आरोपी खरता राम को गिरफ्तार किया है। आरोपी और मासूम के घर पास-पास ही है। घर के पास मिट्टी डालने की बात को लेकर कुछ समय पहले आरोपी और मृतक बच्चे के पिता कचराराम में मारपीट हुई थी। इसके बाद से ही खरता राम ने सबक सिखाने की ठान रखी थी। पुलिस ने बताया कि पोकर राम लोहार(12) पुत्र कचरा राम लोहार 19 फरवरी को अचानक लापता हो गया था। परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए खींवसर थाना पुलिस ने गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में एक संदिग्ध युवक नजर आया, जो रिश्ते में मृतक का भाई था और पड़ोस में ही रहता है। पुलिस ने संदेह के आधार पर उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने गांव के सुनसान इलाके की झाड़ियों से शव बरामद कर उसे जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी भिजवाया। हालांकि हत्या की खबर फैलते ही ग्रामीणों ने इसे पुलिस की लापरवाही बताया। विरोध में बाजार बंद रखकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग मॉर्च्युरी के बाहर जमा हुए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। परिजनों ने प्रशासन से एक करोड़ रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद धरना समाप्त कर दिया गया और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत
घटना की गंभीरता को देखते हुए नागौर से एफएसएल टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूतों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बेनीवाल बोले- खींवसर SHO ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया
मामले में सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी फेसबुक पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा- कल (गुरुवार) नागौर जिले के खींवसर थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम- कुड़छी निवासी पोकर राम लोहार(12) पुत्र कचरा राम लोहार के गुमशुदा हो जाने की जानकारी खींवसर SHO के संज्ञान में आने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अभी कुछ देर पहले दुखद खबर प्राप्त हुई है कि गुमशुदा बालक पोकर राम की हत्या हो गई। उसका शव गांव के पास ही मिला है। खींवसर पुलिस यदि समय रहते मामले को गंभीरता से लेकर लापता हुए बालक की तलाश करती तो शायद पोकर राम हमारे बीच होता, मगर पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लिया। मुख्यमंत्री जी और DGP को इस मामले में खींवसर SHO की भी जिम्मेदारी तय करते हुए उसके विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए। साथ ही दिवंगत बालक के परिजनों को आर्थिक सहायता सरकार को देनी चाहिए और हत्या में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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