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कार्रवाई के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। तहसीलदार नरसिंह टांक ने बताया कि सरकारी भूमि पर बने सभी निर्माण पूरी तरह अवैध थे। प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी किए थे, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने उन्हें नजरअंदाज किया। इस कार्रवाई से सरकारी संपत्ति को सुरक्षित किया गया है और भविष्य में ऐसे अवैध कब्जों पर लगाम लगाने का संदेश दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी कार्रवाइयां निरंतर जारी रहेंगी, ताकि आमजन की संपत्ति का दुरुपयोग रोका जा सके। यह कदम नागौर में ‘रास्ता खोलो’ जैसे अभियानों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जो सार्वजनिक संसाधनों को मुक्त कराने में सहायक साबित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे शहर की सड़कें और सार्वजनिक भूमि बेहतर ढंग से उपयोग में लाई जा सकेंगी।
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