मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय युवक अर्जुन कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए महज 72 घंटे में पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह हत्या किसी पेशेवर दुश्मनी का नहीं, बल्कि परिवार के अंदर चल रहे विवाद का नतीजा निकली। इस मामले में पुलिस ने तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है, जबकि साजिश रचने में मृतक का अपना चचेरा भाई शामिल पाया गया है।
औराई थाना प्रभारी राजा सिंह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में यह खुलासा हुआ कि अर्जुन कुमार अपने परिवार की एक चचेरी बहन की दूसरी शादी का लगातार विरोध कर रहा था। बताया गया कि अर्जुन की चचेरी बहन ने अपने पहले पति का घर छोड़कर एक विशेष समुदाय के युवक के साथ शादी कर ली थी। अर्जुन इस रिश्ते को गलत मानता था और इसका खुलकर विरोध करता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि अर्जुन का यही विरोध उसकी हत्या की वजह बन गया। बहन के दूसरे पति और परिवार के ही एक सदस्य ने मिलकर अर्जुन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। घटना उस समय अंजाम दी गई जब राजखंड उत्तरी पंचायत के बलिया गांव निवासी अर्जुन कुमार औराई बाजार स्थित एक मोबाइल दुकान से काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था। रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने उसे घेर लिया और गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना के बाद मृतक के पिता जगदेव पंडित के बयान पर 1 जनवरी को औराई थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को जो सबसे बड़ा झटका लगा, वह यह था कि इस हत्याकांड की साजिश में अर्जुन का अपना चचेरा भाई जितेंद्र कुमार शामिल था। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि चचेरी बहन के दूसरे पति ने जितेंद्र कुमार के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी। जितेंद्र ने ही शूटरों को अर्जुन की पहचान और उसकी लोकेशन की जानकारी दी थी। यानी अपनों ने ही अपने ही रिश्तेदार के लिए मौत का जाल बिछाया था।
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पुलिस के अनुसार इस हत्या को अंजाम देने के लिए मीनापुर थाना क्षेत्र के तीन पेशेवर अपराधियों को एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। गिरफ्तार किए गए शूटरों की पहचान सोनू कुमार, गोपी कुमार और रोहित कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि उन्हें अर्जुन की हत्या के लिए मोटी रकम का लालच दिया गया था।
पुलिस ने शूटरों की गिरफ्तारी के साथ हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है। ग्रामीण एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पूछताछ पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, खासकर उस व्यक्ति की भूमिका की, जिसने सुपारी किलिंग के लिए पैसों का इंतजाम किया था। यह हत्याकांड पारिवारिक विवाद की खौफनाक तस्वीर सामने लाता है, जहां रिश्तों की डोर ही जान की दुश्मन बन गई।
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