Mustard Pest Management: सरसों की फसल में एफिड कीट किसानों के लिए बड़ी समस्या बन रहा है. ठंडे और नमी वाले मौसम में इसका प्रकोप तेजी से बढ़ता है, जिससे पत्तियां पीली पड़ती हैं, फूल-फलियां झड़ती हैं और पैदावार घट जाती है. समय पर पहचान, नियमित निगरानी और जैविक उपाय अपनाकर इस कीट से फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है.
सरसों पारंपरिक खेती की प्रमुख फसल है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है. लेकिन किसानों को इसकी सबसे बड़ी समस्या कीटों का प्रकोप रहती है. मौसम में बदलाव के कारण इस फसल में एफिड कीटों का प्रकोप सबसे अधिक रहता है. ये किट सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाते हैं. यह कीट पौधों की कोमल पत्तियों, तनों और फूलों का रस चूसकर उन्हें कमजोर कर देता है.

एग्रीकल्चर एक्सपर्ट बजरंग सिंह ने बताया कि एफिड कीट का प्रकोप मुख्य रूप से ठंडे और नमी वाले मौसम में तेजी से बढ़ता है. इसकी संख्या बहुत जल्दी बढ़ जाती है और थोड़े ही समय में पूरा खेत इसकी चपेट में आ सकता है. यदि समय रहते इसकी पहचान और रोकथाम न की जाए, तो सरसों की उपज और गुणवत्ता दोनों पर बुरा असर पड़ता है, जिससे किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

उन्होंने बताया कि एफिड छोटे, मुलायम शरीर वाले हरे, पीले या काले रंग के कीट होते हैं. ये झुंड बनाकर पत्तियों की निचली सतह, नई शाखाओं और फूलों पर दिखाई देते हैं. इसके कई नुकसान हो सकते हैं. यह पौधों का रस चूसकर वृद्धि रोक देते हैं. धीरे-धीरे पत्तियां मुड़ जाती हैं और पीली पड़ने लगती है. साथ ही फूल और फलियां झड़ सकती हैं. यह चिपचिपा पदार्थ छोड़ते हैं, जिस पर काली फफूंद लग जाती है.और फिर दाना भराव कम होता है और पैदावार घट जाती है.
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एग्रीकल्चर एक्सपर्ट बजरंग सिंह ने बताया कि इन कोटो से बचाव के लिए नियमित निगरानी करना बहुत जरूरी है. प्रारंभिक अवस्था में कीट दिखते ही प्रभावित टहनियों को तोड़कर नष्ट कर दें, जिससे कीट तेजी से न फैले. इसके अलावा जैविक एवं प्राकृतिक उपाय अपनाकर फसल को सुरक्षित कर सकते हैं. पीले स्टिकी ट्रैप लगाए, ये एफिड को आकर्षित कर पकड़ लेते हैं. नीम तेल (2%) या नीम बीज घोल (5%) का छिड़काव करें, इससे कीटों की संख्या कम होती है.

खेत में मित्र कीट जैसे लेडीबर्ड भृंग को संरक्षण दें, क्योंकि ये एफिड को खाकर नियंत्रित करते हैं. इसके अलावा अधिक नाइट्रोजन खाद देने से बचें, क्योंकि इससे एफिड बढ़ता है. समय पर सिंचाई और खेत की साफ-सफाई रखें.सरसों की समय पर बुवाई करें, जिससे कीट का प्रभाव कम रहता है.

एग्रीकल्चर एक्सपर्ट ने बताया कि यदि एफिड का प्रकोप अधिक हो जाए, तो डायमेथोएट 30 ईसी 1.0 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. और मेलाथियान 5% पाउडर 25 किलो प्रति हेक्टेयर या डायमेथोएट 30 ईसी 875 मिली प्रति हेक्टेयर पानी में घोलकर छिड़काव करें. छिड़काव सुबह या शाम के समय करें और तेज हवा से बचें.
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