Mumbai News : मुंबई में अब तुर्की की सदियों पुरानी मोजेक कला की रोशनी देखने को मिल रही है. रंगीन कांच और हाथों से तराशी गई डिज़ाइन वाले असली तुर्किश मोजेक लैंप बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में उपलब्ध हैं. पूरी तरह हैंडमेड ये लैंप घर को शाही और जादुई लुक देते हैं. प्रदर्शनी 23 फरवरी तक चलेगी.
मुंबई में रहते हुए आप असली तुर्किश मोजेक लैंप ख़रीद सकते हैं. तुर्की मोजेक लैंप बनाने की शुरुआत कांच के छोटे-छोटे रंगीन टुकड़ों और महीन मोतियों के मेल से होती है. सबसे पहले एक सादे कांच के गोले पर शिल्पकार अपनी कल्पना से डिजाइन उकेरता है और फिर उन पर रंगीन कांच चिपकाता है. इन लैंपों को बनाने की यह पारंपरिक कला सदियों पुरानी है, जो तुर्की की गलियों से निकलकर आज पूरी दुनिया के घरों को रोशन कर रही है.

इन लैंपों की सबसे बड़ी खासियत इनका पूरी तरह से हैंडमेड होना है. तुर्की के कुशल कारीगर रंगीन कांच को विशेष जियोमेट्रिक आकारों में काटते हैं और उन्हें एक-एक करके हाथ से सेट करते हैं. इस प्रक्रिया में किसी भी मशीन का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे हर लैंप अपने आप में एक अनोखा मास्टरपीस बन जाता है और रोशनी को जादुई बना देता है.

यहाँ तुर्की लैंप कई रूपों में उपलब्ध हैं जो हर कोने की शोभा बढ़ाते हैं. इनमें टेबल लैंप सबसे अधिक पसंद किए जाते हैं, जिन्हें आप साइड टेबल या कॉर्नर पर रख सकते हैं. इसके अलावा, छत से लटकने वाले हैंगिंग लैंपऔर दीवारों के लिए वॉल लैंप भी काफी लोकप्रिय हैं, जो कमरे को एक शाही तुर्की दरबार जैसा लुक देते हैं.
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एक असली तुर्की मोजेक लैंप अपनी मजबूती और धातु के काम से पहचाना जाता है. इसका बेस आमतौर पर पीतल या कांसे का बना होता है, जो इसे एक प्राचीन और विंटेज लुक देता है. इसमें इस्तेमाल होने वाला कांच रंगीन होता है, जिससे समय बीतने के बाद भी इसकी चमक फीकी नहीं पड़ती और यह वर्षों तक आपके घर की शोभा बढ़ाता रहता है.

जब हम तुर्की लैंप की तुलना भारतीय कांच के लैंप से करते हैं, तो तकनीक का बड़ा अंतर दिखता है. भारतीय लैंप अक्सर कांच पर नक्काशी या पेंटिंग पर आधारित होते हैं, जबकि तुर्की लैंप कांच के टुकड़ों को जोड़कर बनाई गई ‘मोजेक’ कला है. भारतीय लैंप जहाँ देसी मिट्टी और रंगों का अहसास देते हैं, वहीं तुर्की लैंप मध्य-पूर्व की वास्तुकला और उस्मानी वैभव का प्रतीक माने जाते हैं.

इन कलात्मक लैंपों की कीमत इनकी बनावट और आकार के हिसाब से तय की गई है. एक सुंदर सिंगल ग्लोब वाले तुर्की लैंप की कीमत ₹7000 निर्धारित की गई है. वहीं, यदि आप अधिक रोशनी और बड़े आकार वाला डबल ग्लोब लैंप चुनते हैं, तो उसकी कीमत ₹15000 तक जाती है. इस एक्सहिबिशन में आप मोल भाव भी कर सकते हैं.

यदि आप इन शानदार तुर्की लैंपों को सीधे कारीगरों के कलेक्शन से खरीदना चाहते हैं, तो मुंबई का बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) सबसे अच्छा विकल्प है. यहाँ आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में आपको तुर्की के असली मोजेक लैंप की विशाल रेंज देखने को मिलेगी. यह ट्रेड फेयर 23 फ़रवरी तक रहने वाला है.
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