अवैध ग्रेनाइट खनन और हजारों करोड़ के राजस्व नुकसान के आरोपों ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका का हवाला देते हुए पूरे मामले की सीबीआई या न्यायिक निगरानी में जांच की मांग की है।याचिका ग्राम पंचायत भैरा (जिला छतरपुर) के सरपंच शिवराम दीक्षित और पत्रकार दिलीप सिंह भदौरिया द्वारा दायर की गई है। इसमें आरोप है कि वर्ष 1997 से विनोद खेड़िया और उनकी कंपनी किसान मिनरल्स प्रा. लि. ने मड़वा, सिलपतपुरा समेत अन्य क्षेत्रों में अवैध खनन किया।
200% रॉयल्टी का दावा, भुगतान शून्य?
याचिका में कहा गया है कि 1997 के जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट में 200% लोकल डेवलपमेंट फीस (रॉयल्टी) देने का प्रावधान था, लेकिन कंपनी ने न तो निर्धारित राशि जमा की, न बैंक गारंटी दी और न ही प्रस्तावित प्लांट स्थापित किया। इसके बावजूद खनन कार्य जारी रहा। आरोप है कि 2005 के बाद रॉयल्टी दरों में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी को नियमों के विपरीत मात्र 800 रुपये प्रति घन मीटर की दर से लाभ दिया गया। 2007-08 में रिकवरी नोटिस जारी होने के बाद भी वसूली नहीं हुई।
30 हजार करोड़ की संभावित हानि
याचिका में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित राजस्व हानि का दावा किया गया है। 2021 की जांच में 5685 घन मीटर अवैध खनन सामने आने और सैकड़ों से हजारों करोड़ के नुकसान का अनुमान जताया गया है।
यह भी पढ़ें-नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट, 27,746 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी; निमाड़ के विकास को नई रफ्तार
आबादी और स्कूल के पास ब्लास्टिंग?
डॉ मनोज यादव ने आरोप लगाया कि घनी आबादी, स्कूल और मंदिर से 500 मीटर के दायरे में खनन और विस्फोटकों के उपयोग की शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। करीब 10,000 लोगों के प्रभावित होने का दावा किया गया है, जबकि ग्राम पंचायत की आबादी लगभग 3,000 बताई गई है।
यह भी पढ़ें-बस हड़ताल की हवा पड़ी उलटी, एमपी में बसें खाली, बाहर जाने वालों से वसूला जा रहा दोगुना किराया
सपा की पांच मांगें
– सीबीआई या न्यायिक निगरानी में स्वतंत्र जांच
– दोषी अधिकारियों व कंपनी प्रबंधन पर आपराधिक प्रकरण
– राजस्व हानि की पूर्ण वसूली
– प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा व पर्यावरणीय पुनर्स्थापन
– जांच पूरी होने तक खनन पर तत्काल रोक
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.