कोरबा में रविवार को सांसद ज्योत्सना महंत ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ का उद्देश्य कोरबा को बाल विवाह मुक्त बनाना है। बाल विवाह मुक्ति रथ प्रचार प्रसार के माध्यम से जिले में बाल विवाह रोकने का संदेश देगा। इस पहल को लेकर उन्होंने अपना सहयोग और सहमति प्रदान की।
बाल विवाह मुक्ति रथ को भ्रमण के लिए मां सर्वमंगला मंदिर ले जाया गया, जहां पुजारी ने विधिपूर्वक पूजा अर्चना कर रथ को कोरबा जिले की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए रवाना किया।
सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि बाल विवाह रोकना एक अच्छी पहल और महत्वपूर्ण प्रयास है। वर्तमान समय में विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और युवक की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बेटियों को कम उम्र में शादी करने के बजाय पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि वे सही उम्र में विवाह करें। तब तक दोनों साक्षर हो जाएंगे और उन्हें सभी प्रकार का ज्ञान होगा। बेटियां आने वाले समय में समाज की निर्माता हैं।
बाल विवाह रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक टीम तैयार की गई है, जो शहर और ग्रामीण दोनों स्तरों पर कार्य कर रही है। बाल विवाह रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि वहां ऐसे मामलों की संख्या अधिक सामने आती है। विभाग द्वारा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
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