एमपी कैडर के अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी अनिरुद्ध मुखर्जी को केंद्र सरकार ने सचिव पद के समकक्ष पद के लिए इम्पैनल किया है। मुखर्जी 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। डीओपीटी ने शनिवार को 41 अफसरों के इम्पैनलमेंट के आदेश जारी किए हैं। जिसमें मुखर्जी का नाम एमपी कैडर के अफसरों में है। मुखर्जी अभी राजस्व मंडल अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव लोक परिसंपत्ति विभाग के पद पर पदस्थ हैं। एमपी कैडर की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी पहले से ही दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं। अनिरुद्ध मुखर्जी के आदेश के बाद अब मुखर्जी दंपत्ति दिल्ली में ही पदस्थ हो जाएंगे। केंद्र के इम्पैनलमेंट के बाद अनिरुद्ध मुखर्जी जल्द ही राज्य सरकार की सेवाओं से रिलीव होंगे। अगले माह उन्हें सचिव पद के समकक्ष केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय में पदस्थ किए जाने के आदेश जारी किए जाएंगे। आज ही 28 एडिशनल सेक्रेटरी और समकक्ष पदों के लिए भी इम्पैनलमेंट के आदेश जारी हुए हैं, लेकिन इनमें एमपी के किसी अधिकारी का नाम शामिल नहीं है। इससे पहले 4 फरवरी को जारी आदेश में डीओपीटी ने 24 आईएएस अधिकारियों को संयुक्त सचिव पद के लिए इम्पैनल करने का निर्णय लिया था। इसमें एमपी कैडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी गणेश शंकर मिश्रा और षणमुगा प्रिया मिश्रा के नाम शामिल हैं। इसके पूर्व मुंबई में पदस्थ एमपी कैडर के अधिकारी ज्ञानेश्वर पाटिल को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के आदेश डीओपीटी पहले ही जारी कर चुका है। शुभरंजन सेन बने राज्य वन बल प्रमुख राज्य शासन द्वारा भारतीय वन सेवा के शुभरंजन सेन को राज्य वन बल प्रमुख नियुक्त किया गया है। शासन ने इसके आदेश भी जारी कर दिया है, जो 1 मार्च 2026 से प्रभावशील होगा। सेन वर्तमान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) के पद पर मुख्यालय भोपाल में पदस्थ हैं। इसके पहले यह माना जा रहा था कि पीएससीएफ खान को वन बल प्रमुख बनाया जा सकता है लेकिन सरकार ने खान के बजाय सेन को वनवेल प्रमुख बना दिया है।
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