डेराबस्सी में साहिबजादों की शहादत पर मुस्लिम समुदाय द्वारा लगाया गया लंगर।
डेराबस्सी में मुस्लिम वेलफेयर कमेटी ने छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहादत की याद में लंगर का आयोजन किया। यह आयोजन आपसी सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक बना।
मुस्लिम वेलफेयर कमेटी द्वारा यह लंगर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी लगाया गया। इसमें राहगीरों, स्थानीय निवासियों और सिख संगत सहित विभिन्न धर्मों के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर सभी को बिना किसी भेदभाव के भोजन परोसा गया, जिससे सामाजिक समरसता का संदेश गया।
कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि छोटे साहिबजादों का बलिदान केवल सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश और मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अत्याचार के विरुद्ध धर्म और न्याय की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। इसी भावना को जीवित रखने के उद्देश्य से मुस्लिम वेलफेयर कमेटी यह लंगर आयोजित करती है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारी।
भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का दिया संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने डेराबस्सी को आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ियों को एक-दूसरे के धर्मों तथा परंपराओं का सम्मान करना सिखाते हैं।
स्थानीय निवासियों और सिख संगत ने मुस्लिम वेलफेयर कमेटी के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन देश की एकता और अखंडता को मजबूती प्रदान करते हैं। कमेटी के सदस्यों और युवाओं ने लंगर में सेवा कर मानवता का संदेश दिया।
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