अकाली दल के वरिष्ठ नेता और जिला प्रधान निहाल सिंह भुल्लर को मोगा के थाना महीना में हिरासत में लिए जाने के बाद तनाव बढ़ गया। इस घटना के विरोध में सैकड़ों अकाली कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह घटना सोमवार रात की बताई जा रही है। विवाद का कारण सीमेट की ट्राली यह विवाद धर्मकोट विधानसभा क्षेत्र के दोसांझ गांव में शुरू हुआ। पंचायत द्वारा मंगवाई गई सीमेंट की एक ट्रॉली अकाली दल से जुड़े दविंदर सिंह के घर के सामने खड़ी थी। आरोप है कि पंचायत सदस्य आम आदमी पार्टी रूप सिंह ने बिना बताए यह ट्रॉली अपने घर ले ली। इसके बाद दविंदर सिंह और रूप सिंह के बीच विवाद हो गया और मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने दविंदर सिंह को थाने में हिरासत में लिया था। जब इसकी सूचना जिला प्रधान निहाल सिंह भुल्लर को मिली, तो वे दविंदर सिंह के समर्थन में थाने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया, जिस पर अकाली नेताओं ने पुलिस पर ‘धक्केशाही’ का आरोप लगाया। दो नेताओं को हिरासत में लेने से भड़के भुल्लर को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही जत्थेदार तीरथ सिंह माहला, संजीत सिंह सनी गिल, खनमुख भारतीय, बलजीत सिंह कंग, राजविंदर सिंह और रजिंदर सिंह डल्ला सहित कई अकाली नेता और कार्यकर्ता थाना महीना पहुंच गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और नेशनल हाईवे को जाम कर दिया, जिससे रात भर यातायात प्रभावित रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा। रिहाई के बाद निहाल सिंह भुल्लर ने कहा, “मैं अपने कार्यकर्ताओं के लिए थाने तो क्या, जेल जाने के लिए भी तैयार हूं।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति द्वारा उनके कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया, तो वे एकजुट होकर जवाब देंगे। भुल्लर ने इसे अपनी नहीं, बल्कि पूरे अकाली दल के कार्यकर्ताओं की जीत बताया।
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