नाबालिग की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर मंगलवार को रैकवार समाज के लोगों ने टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में पहुंचे समाजजनों ने नारेबाजी करते हुए मोहनगढ़ थाना प्रभारी पर नाबालिग के पिता और परिजनों को पुलिस कस्टडी में प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव से 20 जनवरी को एक नाबालिग बालिका लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन किए जाने के बावजूद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अगले दिन 21 जनवरी को बालिका का शव गांव के पास स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र में मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना के बाद पुलिस द्वारा की जा रही विवेचना के दौरान नाबालिग के पिता सहित परिजनों को पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में लिया गया, जिसे लेकर रैकवार समाज में भारी आक्रोश फैल गया। समाजजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा परिजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और मामले के वास्तविक तथ्यों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस संबंध में टीकमगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा ने बताया कि मामले की विवेचना पूरी गंभीरता से की जा रही है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नाबालिग की मौत का कारण फांसी लगना बताया गया है, जबकि शव पहाड़ी क्षेत्र में मिला था, जिससे संदेह की स्थिति बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि मामले का शीघ्र खुलासा किया जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
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