आरयूएचएस अपने संबद्ध मेडिकल संस्थानों में नया मोबाइल आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू करने जा रहा है। इसके तहत मेडिकल, डेंटल, बीएससी नर्सिंग, फार्मेसी और फिजियोथैरेपी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत करीब दो लाख छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अब मोबाइल एप के जरिए दर्ज होगी। नई व्यवस्था में जियो टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यानी छात्र और शिक्षक की उपस्थिति तभी दर्ज होगी, जब वे संस्थान के कैंपस में मौजूद होंगे। इससे फर्जी हाजिरी और कक्षाओं में अनुपस्थिति पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा। विवि और संबद्ध संस्थान दोनों इस सिस्टम के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे। किसी छात्र की उपस्थिति नियमानुसार कम पाई जाने पर उसे परीक्षा में बैठने से भी वंचित किया जा सकता है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे कक्षाओं में नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। मापदंड पूरे करने वाले संस्थानों को देंगे अवॉर्ड
विवि संबद्ध कॉलेजों के लिए बेस्ट इंस्टीट्यूट अवॉर्ड शुरू करने जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैनपावर, लैब, लाइब्रेरी और परीक्षा परिणाम जैसे मापदंडों के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन होगा। इसके साथ ही प्राचार्य, फैकल्टी, रिसर्चर और इनोवेटर को भी सम्मानित किया जाएगा। मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा
मरीजों की जांच और उपचार में नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय रिसर्च पॉलिसी लागू कर रहा है। इससे मेडिकल क्षेत्र में शोध करने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों को संस्थागत सहयोग मिलेगा।
{फैकल्टी को मिलेगा यूनिक आईडी: संबद्ध संस्थानों की फैकल्टी का डेटा विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसके बाद प्रत्येक शिक्षक को यूनिक नंबर जारी किया जाएगा। 24 अप्रैल को दीक्षांत समारोह
विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 24 अप्रैल को आयोजित होगा। इसमें वर्ष 2024 और 2025 में मेडिकल पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। सभी डिग्रियां नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी (NAD) पर भी अपलोड की जाएंगी। “क्वालिटी युक्त मेडिकल शिक्षा और कक्षाओं में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसमें शिक्षकों की उपस्थिति भी एप के माध्यम से दर्ज होगी और विश्वविद्यालय को रियल टाइम डेटा उपलब्ध होगा।”
-डॉ. प्रमोद येवले, कुलगुरु, RUHS
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