मरवाही से बिलासपुर जाने वाली ‘पुष्पराज’ बस के ड्राइवर मंडल केवट अपनी यात्रा के दौरान सैकड़ों पशु-पक्षियों को दाना-पानी खिलाते हैं। वे अपने साथ अनाज, ब्रेड और केले लेकर चलते हैं, जो वे रास्ते में पक्षियों और बंदरों को देते हैं। यह उनका पिछले पांच सालों से जारी दैनिक कार्य है। मरवाही से आगे बढ़ते ही सिवनी गांव के पास, मंडल केवट अपनी बस सड़क किनारे रोकते हैं। यहां वे पक्षियों को दाना डालते हैं। उनके बुलावे पर विभिन्न प्रजातियों की सैकड़ों पक्षियां दाना चुगने के लिए इकट्ठा हो जाती हैं। इसके बाद, बंजारी घाटी क्षेत्र में पहुंचने पर, वे फिर से बस को किनारे लगाते हैं। इस स्थान पर वे बंदरों को केले और ब्रेड खिलाते हैं। यह सिलसिला उनकी हर यात्रा का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। बस में बैठे यात्री इस दृश्य को देखकर अक्सर दर्शक बन जाते हैं और अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगते हैं। मंडल केवट पिछले 20 वर्षों से ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से वे लगातार पशु-पक्षियों को खिलाने का यह नेक काम कर रहे हैं, साथ ही यात्रियों को सुरक्षित बिलासपुर पहुंचाते हैं।
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