देश की रक्षा करते हुए बिहार के एक और सपूत ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। भारतीय सेना में तैनात जवान हरे राम कुंवर की शहादत की खबर मिलते ही भोजपुर जिले के नथमलपुर गांव से लेकर आसपास के इलाके में मातम पसर गया। जिस घर में सुबह तक हंसी थी, वहां कुछ ही घंटों में सन्नाटा छा गया।
मां, पत्नी और बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
शहीद की मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पत्नी खुशबू देवी सदमे में हैं और रो-रो कर उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। दोनों बेटे इतने छोटे हैं कि शायद अभी यह समझ भी नहीं पा रहे कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। पिता खुद को संभालते हुए नजर आए, जबकि गांव के लोग इसे सिर्फ एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे देश का नुकसान बता रहे हैं।
सुबह 11 बजे पत्नी को मिली शहादत की सूचना
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में हरे राम कुंवर शहीद हो गए। उनकी शहादत की सूचना सुबह करीब 11 बजे उनकी पत्नी खुशबू देवी को कॉल कर दी गई। यह कॉल बटालियन के सीओ की ओर से किया गया था। सूचना मिलते ही पत्नी के पैरों तले जमीन खिसक गई और घर में कोहराम मच गया।
16 वर्षों से देश सेवा, नायक पद पर थे तैनात
हरे राम कुंवर बिहार के भोजपुर जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नथमलपुर गांव के निवासी थे। वे इंद्रजीत कुंवर और शांति देवी के छोटे पुत्र थे। पिछले 16 वर्षों से भारतीय सेना में सेवा दे रहे थे और नायक के पद पर कार्यरत थे। वे फोर्थ बिहार रेजिमेंट में तैनात थे और वर्तमान में डोडा जिले में ड्यूटी कर रहे थे।
स्कूल में पढ़ाते समय बड़े भाई को मिली सूचना
शहीद के बड़े भाई जय प्रकाश कुंवर ने बताया कि उन्हें यह सूचना उस समय मिली जब वे स्कूल में पढ़ा रहे थे। बटालियन के सीओ ने फोन कर दुर्घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे तुरंत घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पहले सुबह 11 बजे पत्नी को कॉल किया गया, फिर उन्हें सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही गांव में पसरा सन्नाटा
शहादत की खबर मिलते ही नथमलपुर गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने भी शोक संवेदना व्यक्त की। जनप्रतिनिधि बूटन सिंह ने कहा कि हरे राम कुंवर का बलिदान गांव और देश हमेशा याद रखेगा।
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