छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक विवाहिता महिला को दहेज की मांग करते हुए प्रताड़ित कर घर से निकाल देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के बाद महिला थाना की पुलिस ने ससुराल पक्ष के पति समेत सास-ससुर के खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए पूरे मामले को जांच में ले लिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, थाने में एक महिला ने रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि 23 दिसंबर 2024 को मुस्लिम रीति रीवाज से उसका विवाह मिर्जा सुहेल बेग के साथ हुआ था। पीड़िता ने बताया कि विवाह के समय परिजनो ने अपने हैसियत के मुताबिक नगद रकम 2 लाख 50 हजार एवं सोना, चांदी के जेवर, कांसा पीतल तथा स्टील के बर्तन एवं क्रांकरी के सामान वस्त्र तथा गृहस्थी के विभिन्न सामान प्रदान दिए थे। विवाह के दो दिन बाद ही 25 दिसंबर की सुबह 10 बजे पति मिर्जा सुहेल बेग, सास आमना खातुन एवं ससुर मिर्जा सलीम बेग ने शादी में खर्चा नहीं किए हो कहकर 5 लाख की मांग करने लगे।
कार के एवज में मांगे 25 लाख रुपये
पीड़िता ने बताया कि एक माह के भीतर ही उसके पिता ने ससुराल पक्ष के लोगों को नगद 5 लाख रुपए दे दिया। इसके बावजूद ससुराल के लोगों ने आज कल सामान्य लोग भी शादी में कार देते हैं कहते हुए कार के एवज में 25 लाख की मांग करने लगे। परंतु परिजनों ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण रकम देने से मना कर दिया।
वैवाहिक जीवन बचने सहती रही यातनाएं
पीड़िता ने बताया कि उसके पति, सास तथा ससुर द्वारा की गई दहेज की मांग को पूरा नहीं करने पर वे लोग उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। साथ ही उससे गाली-गलौज, झगड़ा झंझट करने लगे। इतना ही नहीं पीड़िता भूखा प्यासा रखा जाने लगा। पीड़िता ने बताया कि वह अपना वैवाहिक जीवन टूटने नहीं देना चाहती थी, इसलिये मौन होकर यातनाएं सहती रही। इसके बावजूद उससे मारपीट किया जाता रहा।
अबॉर्शन कराने दबाव डालते रहे
पीड़िता ने बताया कि मई माह में गर्भवती होने के बाद भी उसका पति मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी देता रहा। साथ ही तलाक देने की बात कहा जाता रहा। साथ ही साथ पति, सास और ससुर एबर्शन कराने के लिये दबाव डालते रहे। इस दौरान उन्होंने जबरजस्ती एबर्शन की आई पिल गोली भी खिलाया। जिसे पीड़िता बाथरूम जाकर उल्टी कर देती थी।
मांग पूरी नहीं होने पर घर से निकाला
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि दहेज की मांग पुरा नही कर पाने पर समझाईस देने 2 सितंबर को उसके पिता और भाई घरघोड़ा पहुंचे, ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग पर अडे़ रहे और पीड़िता को घर से निकाल दिया। जिसके बाद से वह अपने मायके में रह रही है।
कांउसिलिंग में साथ रखने से किया इनकार
पीड़िता ने बताया कि अभी वह 08 माह की गर्भवती है और कई सामाजिक बैठकों के बाद भी ससुराल पक्ष के लोग उसे नहीं रख रहे। महिला थाना रायगढ में कांउसिलिंग के दौरान ससुराल पक्ष के लोगों ने महिला को रखने से इनकार भी कर दिया। जिसके बाद पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत महिला थाने में की है। जिस पर धारा 85, 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज करते हुए मामले को जांच में ले लिया गया है।
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