औरंगाबाद सदर अस्पताल में इलाज के दौरान संदिग्ध स्थिति में एक 26 साल की महिला की मौत हो गयी। घटना बुधवार की है। घटना के बाद मृतका के मायकेवालों ने ससुरालवालों पर मारपीट के बाद इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
मृत महिला की पहचान नगर थाना क्षेत्र के बैजनाथ बिगहा निवासी प्रमोद शर्मा की पत्नी सबिता देवी के रूप में हुई है। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने बताया कि साल 2019 में हिंदू रीति-रिवाज से लड़के पक्ष वालों की सारी डिमांड पूरी करते हुए बैजनाथ बिगहा गांव निवासी धर्मदेव शर्मा के बेटे प्रमोद कुमार शर्मा के साथ सविता की शादी हुई थी।
शादी के बाद कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक-ठाक चला। सविता का पति प्रमोद रांची के मधुकम मुहल्ले में रहकर एक फर्नीचर दुकान में जॉब करता था। शादी के बाद वह अपनी पत्नी को रांची लेकर चला गया। अपने बच्चों के साथ वह रांची के मधुकम मोहल्ला में रहता था और कारपेंटर का काम कर परिवार का भरण पोषण करता था।
छोटी-छोटी बातों को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा
अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था। कई बार उसने अपनी पत्नी की पिटाई की थी। जब सविता ने घटना की सूचना अपने मायकेवालों को दी, तो कई बार समझौता भी हुआ, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
दहेज में बाइक की मांग को लेकर मारपीट
सविता की अक्सर तबीयत खराब रहती थी।मारपीट के बाद जब सविता की तबीयत बिगड़ती थी, तो ससुराल वालों ने उसका इलाज भी नहीं कराया। सविता का पति प्रमोद शर्मा ने मायके वालों से दहेज स्वरूप बार-बार एक बाइक की मांग की।
मायके वाले बाइक देने में सक्षम नहीं हुए तो हमेशा मारपीट करता था।दो महीने पहले जब रांची में उसके पति से मारपीट करने का मामला नहीं रुका, तो उसकी ननद बीच-बचाव कर उसे मायके मकरन बिगहा भिजवा दी।
जेठानी की बेटी की शादी में गई थी ससुराल
मृत महिला की बहन पुष्पा कुमारी ने बताया कि 21 नवंबर को सविता के ससुराल बैजनाथ बिगहा में उसकी जेठानी रिंकू देवी के बेटी की शादी थी। शादी में शामिल होने के लिए वह ससुराल बैजनाथ बिगहा आयी थी।इसके बाद से वह अपने ससुराल में ही रह रही थी।
बुधवार को सविता को खांसी व हांफ की शिकायत हुई तो उसकी मां, जेठानी रिंकू देवी व बहन ने इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। हालांकि इसके पहले परिजनों ने एक निजी क्लिनिक में इलाज कराया था, लेकिन वहां से उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
सदर अस्पताल में सविता की मौत के बाद मायकेवाले हंगामा करने लगे और ससुरालवालों पर इलाज न कराने का आरोप लगाया। मायकेवालों का कहना है कि जान बूझकर उनलोगों द्वारा इलाज नहीं कराया जाता था, जिससे किसी तरह उसकी मौत हो जाये।
मायकेवालों ने घटना की सूचना नगर थाना की पुलिस को दी। सूचना पर नगर थाना के दारोगा समीर कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों से जरूरी पूछताछ के उपरांत शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। दरोगा समीर कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।फिलहाल सविता की मौत के बाद से उसका पति फरार है।पता चला कि मृतका सविता के दो छोटे-छोटे बच्चे है।