अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी में इस बार सांस्कृतिक परेड और अधिक भव्य रूप में सामने आएगी। 20 फरवरी की संध्या को इंदिरा मार्केट और सेरी मंच के आसपास आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 10 से 12 देशों के कलाकार अपने-अपने देश की संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगे।
कुल 25 सांस्कृतिक दल परेड में भाग लेकर विविधता और परंपराओं का अनूठा संगम दर्शकों के सामने रखेंगे। आयोजन का यह दूसरा संस्करण है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों और कलाकारों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन में फ्रांस, अमेरिका, नाइजीरिया, तंजानिया, तजाकिस्तान, श्रीलंका सहित अन्य देशों के कलाकार पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और संगीत के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करेंगे।
स्थानीय और प्रदेश स्तर पर भी आयोजन को व्यापक भागीदारी मिल रही है। मंडी जिले की संस्कृति को दर्शाने वाले पांच से छह दल लोक संस्कृति से रूबरू करवाएंगे। हिमाचल प्रदेश के सात जिलों के दल अपनी लोक परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे। इनमें कुल्लू के प्रसिद्ध फागली मेले और किन्नौर के रोनाली मेले की झलक दर्शकों को देखने को मिलेगी। इसके अतिरिक्त देश के छह राज्यों से पहुंचे दल भी अपनी लोक संस्कृति, नृत्य और गीतों के जरिए कार्यक्रम को विविध रंगों से भरेंगे।
आयोजन समिति के अनुसार सांस्कृतिक परेड का उद्देश्य विभिन्न देशों और क्षेत्रों की परंपराओं को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करना है। प्रशासन और आयोजन समिति ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीद जताई है कि बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होकर इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनेंगे।
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