यह परंपरा सदियों से चली आ रही है कि शिवरात्रि के समापन वाले दिन सभी देवी-देवता मंडी शहर के चौहटा बाजार में विराजते हैं। इसे स्थानीय बोली में ‘चौहटे री जातर’ कहा जाता है।
जो कोई व्यक्ति सप्ताह भर किन्हीं कारणों से देव दर्शन नहीं कर पाते वे इस दिन चौहटा बाजार आकर जरूर देव दर्शन करते हैं। 8 दिनों से टारना माता मंदिर में विराजे देव कमरूनाग भी इस दिन मंदिर से सीधे चौहटा बाजार आते हैं और उसके बाद सेरी चाणनी परिसर में बैठने के बाद अपने भक्तों के घरों की तरफ प्रस्थान करते हैं। प्रशासन की तरफ से डीसी मंडी ने भी देवी-देवताओं के पास शीष नवाया।
स्थानीय निवासी होशियार चंद और चेत राम ठाकुर ने बताया कि यह मंडी शहर वासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि एक साथ उन्हें इतने देवी-देवताओं के दर्शन और आशीर्वाद लेने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि अब यह सभी वापिस लौट जाएंगे और फिर एक साल बाद ही यह मौका दोबारा से मिल पाएगा।
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