रायगढ़ जिले में एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर सिंकदराबाद ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी पाए गए आरोपी चून्नू बरेठ को अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि का भुगतान न करने पर उसे चार महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।
घटना का विवरण और जांच
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 8 जून 2024 की रात 11 बजे के करीब अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर, पुलिस ने 22 वर्षीय संदेही युवक चून्नू बरेठ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 1 जुलाई 2024 को, पीड़िता और संदेही युवक को पुलिस थाने लाया गया। पीड़िता ने बताया कि चून्नू बरेठ उसे 9 जून 2024 की रात अपने साथ सिंकदराबाद ले गया था और वहां उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। इस शिकायत के बाद, आरोपी चून्नू बरेठ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय का निर्णय
इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी पॉक्सो, देवेंद्र साहू ने की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायाधीश ने आरोपी चून्नू बरेठ को दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले से नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
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