क्रिकेट खिलाड़ी को देश-विदेश के टूर्नामेंट में खेलने का लालच देकर 15 लाख 38 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अंबिकापुर निवासी मृगांक सिन्हा (40) को पुलिस ने हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया है। यह कार्रवाई डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के निर्देश पर साइबर सेल और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
नेपाल टूर्नामेंट में हुई थी पहली मुलाकात
पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी क्रिकेट खिलाड़ी अजय कुमार वर्मा की मुलाकात 14 मार्च 2021 को नेपाल में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान आरोपी मृगांक सिन्हा से हुई थी। आरोपी ने खुद को क्रिकेट संघ से जुड़ा हुआ बताकर अजय को देश-विदेश के टूर्नामेंट में खेलने का भरोसा दिलाया और उसका मोबाइल नंबर लेकर संपर्क बनाए रखा।
पंजीयन और पासपोर्ट के नाम पर ठगी
नेपाल से लौटने के बाद, आरोपी ने क्रिकेट संघ में पंजीयन शुल्क, पासपोर्ट और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर अजय से विभिन्न किस्तों में पैसे लिए। इस दौरान, आरोपी ने टीम में चयन और विदेशी दौरे से संबंधित फर्जी दस्तावेज भी मोबाइल के माध्यम से भेजे। पैसे के लेन-देन के लिए पेटीएम, गूगल पे और फोनपे जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।
कुल 15.38 लाख रुपये की धोखाधड़ी
जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी ने पीड़ित से करीब 12 लाख रुपये ऑनलाइन माध्यम से लिए थे। बाद में, छत्तीसगढ़ बुलाकर नगद राशि भी ली गई, जिससे कुल ठगी की राशि 15 लाख 38 हजार रुपये हो गई। इस संबंध में थाना कोतवाली में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज के इस्तेमाल की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
फर्जी क्रिकेट संघ का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस ने खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय, रायपुर से संपर्क किया। वहां से प्राप्त जानकारी के अनुसार, “छत्तीसगढ़ यूथ यूनाइटेड क्रिकेट संघ, इस्पात क्लब भिलाई सेक्टर-6” को मान्यता प्राप्त संस्था नहीं पाया गया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे पुलिस टीम के अथक प्रयासों से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की घटना को स्वीकार किया है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात भी कबूल कर ली है।
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