अजमेर जिले की मार्बल सिटी किशनगढ़ में गौ तस्करी के खिलाफ देर रात एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। गौ रक्षा दल किशनगढ़ ने सतर्कता और साहस का परिचय देते हुए गौवंश से भरे एक ट्रक को पकड़कर तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया। यह कार्रवाई गौ रक्षा दल के अध्यक्ष नितेश सैनी के नेतृत्व में की गई, जिसमें कई गौरक्षकों ने अहम भूमिका निभाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए गौरक्षकों ने एक ट्रक का पीछा शुरू किया। पीछा किए जाने का अहसास होते ही ट्रक चालक और खलासी घबरा गए और हाईवे किनारे ट्रक को छोड़कर मौके से फरार हो गए। जब ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें 23 से अधिक गौवंश को बेहद क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंस कर भरा हुआ पाया गया।
अमानवीय परिवहन के कारण 6 गौवंश की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि 17 गौवंश गंभीर हालत में मिले। घटना की सूचना तत्काल बांदरसिंदरी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया।
जीवित बचे 17 गौवंश को उपचार एवं संरक्षण के लिए बांदरसिंदरी स्थित गौशाला भिजवाया गया, जहां उनकी देखरेख की जा रही है। वहीं मृत गौवंश को लेकर नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इस कार्रवाई में गौ रक्षा दल के लोकेश सोलंकी, राजू कायड़, राजू फरकिया, नंदू बन्ना और विष्णु पवार की विशेष भूमिका रही। गौरक्षकों का कहना है कि यदि समय रहते ट्रक को नहीं रोका जाता, तो और अधिक गौवंश की जान जा सकती थी।
सूत्रों के अनुसार, यह ट्रक हरमाड़ा गांव क्षेत्र से गौवंश भरकर लाया गया था और किसी अन्य स्थान पर ले जाया जा रहा था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार चालक, खलासी सहित अन्य तस्करों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
घटना के बाद क्षेत्र में गौ तस्करी को लेकर आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और गौ सेवकों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि ऐसे अमानवीय कृत्यों पर कठोर दंड मिलना चाहिए, ताकि भविष्य में गौ तस्करी पर प्रभावी रोक लग सके।
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