परिजनों के अनुसार, 17 जनवरी 2026 को किशोरी के माता-पिता दवा कराने के लिए मुकुंदपुर अस्पताल गए हुए थे। घर से निकलते समय उन्होंने अपनी बेटी दुर्गा यादव (उम्र 17 वर्ष 06 माह 03 दिन) को रोज़मर्रा की तरह पपड़ा पहाड़ के जंगल में भैंस चराने भेजा था। दुर्गा सुबह करीब 10 बजे जंगल की ओर निकली थी।
शाम ढलते ही बढ़ी चिंता जब शाम करीब 5 बजे माता-पिता अस्पताल से लौटे तो उन्हें पता चला कि दुर्गा अभी तक घर नहीं लौटी है। इसके बाद परिवार के लोग तुरंत जंगल की ओर पहुंचे और किशोरी की तलाश शुरू की।
जंगल में मिलीं भैंसें, नहीं मिला किशोरी का कोई सुराग
परिजनों ने पपड़ा पहाड़ के जंगल और आसपास के इलाकों में घंटों खोजबीन की। खोज के दौरान भैंसें जंगल में सुरक्षित अवस्था में चरती हुई मिल गईं, लेकिन किशोरी दुर्गा यादव का कहीं कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने नजदीकी गांवों और रिश्तेदारों के यहां भी पूछताछ की, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आई।
मोबाइल न होने से संपर्क पूरी तरह टूटा
परिजनों ने बताया कि किशोरी के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था, जिससे उससे संपर्क करने का कोई माध्यम नहीं बचा। इस वजह से परिवार की चिंता और भी बढ़ गई है। परिजनों को आशंका है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया हो सकता है।
पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी, जांच तेज
घटना की जानकारी मिलने पर थाना ताला पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा जंगल क्षेत्र, आसपास के मार्गों और संभावित ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी स्वयं पूरे प्रकरण की निगरानी कर रही है हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि मामले में अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है और किशोरी की तलाश के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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