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Mahashivratri Special: महाशिवरात्रि पर बिलासपुर जिले के प्राचीन शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ता है. मल्हार का पातालेश्वर और भीम किचक मंदिर ऐतिहासिक विरासत की अनोखी झलक दिखाते हैं. रतनपुर का बूढ़ा महादेव और बिलासपुर का अष्टमुखी शिव मंदिर श्रद्धालुओं के प्रमुख केंद्र हैं. चांटीडीह शिव मंदिर में भव्य मेले के साथ भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए पहुंचती है.
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बिलासपुर जिला शिवभक्ति में डूबा नजर आता है. यहां के प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिरों में न केवल आस्था की गूंज सुनाई देती है, बल्कि सदियों पुराने इतिहास की झलक भी दिखाई देती है. आइए तस्वीरों के जरिए जानते हैं बिलासपुर जिले के उन टॉप 5 शिव मंदिरों के बारे में, जहां महाशिवरात्रि पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है.

पातालेश्वर मंदिर, मल्हार, 10वीं शताब्दी का यह प्राचीन शिव मंदिर जमीन से नीचे स्थित गर्भगृह के कारण खास पहचान रखता है. कलचुरी वंश की स्थापत्य कला और दुर्लभ मूर्तियां यहां की ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाती हैं. पास स्थित संग्रहालय भी इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करता है.

भीम किचक शिव मंदिर, मल्हार, महाभारत की कथा से जुड़ा यह मंदिर कलचुरी काल की उत्कृष्ट शिल्पकला का उदाहरण है. मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान भीम ने किचक का वध इसी क्षेत्र में किया था. पत्थरों की बारीक नक्काशी इसे जीवंत ऐतिहासिक दस्तावेज बनाती है.
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बूढ़ा महादेव (वृद्धेश्वरनाथ) मंदिर, रतनपुर, 12वीं शताब्दी में निर्मित यह स्वयंभू शिवलिंग वाला मंदिर रहस्यमयी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल अदृश्य हो जाता है. सावन और महाशिवरात्रि पर यहां भव्य अनुष्ठान और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं.

अष्टमुखी शिव मंदिर, बिलासपुर, भगवान शिव के आठ मुखों वाली दुर्लभ प्रतिमा इस मंदिर को विशेष बनाती है. धार्मिक महत्व के साथ इसकी अनोखी वास्तुकला भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है. श्रावण मास और महाशिवरात्रि पर यहां आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है.

चांटीडीह शिव मंदिर, बिलासपुर, करीब 102 वर्ष पुराना यह मंदिर ऐतिहासिक आस्था का केंद्र है. महाशिवरात्रि पर यहां तीन दिवसीय भव्य मेले का आयोजन होता है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है, इसलिए दूर-दराज से हजारों भक्त जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. महाशिवरात्रि पर ये सभी मंदिर श्रद्धा, इतिहास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं.
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