Mahashivratri 2026: देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने कहा कि साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाया जाएगा.इस दिन बेहद दुर्लभ संयोग का भी निर्माण होने जा रहा है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से हर मनोकामनाएं पूर्ण होगी.
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य जी
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुदगल ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि इसी भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का दिन बेहद खास रहता है क्योंकि इस भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा आराधना विशेष विधि से की जाती है. इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाया जाएगा.शास्त्र के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था.इसलिए महाशिवरात्रि के दिन सभी शिवालय से शिवबारात भी धूमधाम से निकाली जाती है.
महाशिवरात्रि के दिन बन रहा अत्यंत दुर्लभ संयोग
साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाया जाएगा इस दिन बेहद दुर्लभ संयोग भी बनने जा रहा है. ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि ऋषिकेश पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन त्रयोदशी उपरांत चतुर्दशी का संयोग बनने जा रहा है जो अत्यंत शुभ होता है.
सर्वार्थ सिद्धि योग का रहने वाला है संयोग
15 फरवरी को सुबह 07 बजकर 45 मिनट से लेकर शाम 07 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहने वाला है. इस योग में भगवान शिव की पूजा आराधना करने से हर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. अगर आप रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो बिल्कुल सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक कर सकते हैं.
श्रवण नक्षत्र और शिववास का रहेगा संयोग
महाशिवरात्रि के दिन शिव वास तो रहता ही है इसके साथ ही इस दिन शाम 7बजकर 48 मिनट के बाद श्रवण नक्षत्र शुरू होने वाला है.इस नक्षत्र में भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.
इस विधि से करे भगवान शिव की पूजा
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा षोंडशॉपचार विधि से पूजा आराधना चार प्रहर में करनी चाहिए और संध्या के समय यानी प्रदोष काल में भगवान शिव का अभिषेक करें. महाशिवरात्रि के दिन ऐसा करते हैं तो सारे दुख, कष्ट, रोग, काल, दारीद्र आपके खत्म हो जाएगा और जीवन मे सुख समृद्धि की वृद्धि होगी.
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