स्कूल संचालक राजकुमार मिश्रा के अनुसार किसानों को कुछ राहत दी गई है लेकिन आय बढ़ने जैसे बड़े लक्ष्यों की दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आते। उन्होंने छात्रों के लिए किताबों, सुविधाओं और शैक्षणिक संसाधनों में पर्याप्त वृद्धि न होने की बात भी कही। उनके मुताबिक यह बजट पिछले बजट जैसा ही प्रतीत होता है।
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किसान चन्द्र भूषण सिंह ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार किसानों और युवाओं को लॉलीपॉप दे रही है। बजट में केवल छोटे-छोटे वादे और घोषणाएं हैं, जो रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही। उनका कहना है कि इससे तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है।
कुल मिलाकर बजट को लेकर प्रदेश भर में बहस जारी है। जहां सरकार इसे जनकल्याण और विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विभिन्न वर्गों का कहना है कि वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
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