बथुआ साग को चावल, आलू के चोखा या बैंगन के पकोड़े के साथ खाया जाए तो इसका मजा और बढ़ जाता है. लोग इसे भूनकर या आलू के साथ सब्जी के रूप में भी बनाते हैं. लेकिन आमिल डालकर रस वाली विधि ठंड के मौसम में सबसे लोकप्रिय और स्वादिष्ट मानी जाती है.
बथुआ साग और आमिल: परफेक्ट कॉम्बिनेशन
मिथिलांचल में बथुआ साग को अक्सर आमिल (सूखा आम) डालकर पकाया जाता है. इससे साग में खट्टा-मीठा स्वाद आता है और खाने में रसदार बन जाता है. इसे बनाने के लिए पहले साग को धोकर कुकर में सिटी लगाकर पकाएं. फिर इसमें चावल का पानी (माड़) डालें. तड़के के लिए लहसुन, आजमाइन और सुखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं. इसके बाद गर्म पानी में आमिल डालें. इससे साग में खट्टा-मीठा फ्लेवर आ जाता है और इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
बथुआ साग को ऐसे भी खाया जाता है
बथुआ साग को चावल, आलू के चोखा या बैंगन के पकोड़े के साथ खाया जाए तो इसका मजा और बढ़ जाता है. लोग इसे भूनकर या आलू के साथ सब्जी के रूप में भी बनाते हैं. लेकिन आमिल डालकर रस वाली विधि ठंड के मौसम में सबसे लोकप्रिय और स्वादिष्ट मानी जाती है.
सेहत के लिए लाभकारी
सिर्फ स्वाद ही नहीं, बथुआ साग सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व ठंड के मौसम में शरीर को मजबूत बनाए रखते हैं.यह पाचन सुधरता है और कब्ज दूर होती है. इसके साग से खून बढ़ता है, जो एनीमिया में फायदेमंद होता है. इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और इम्यूनिटी बढ़ती है. साथ ही, वजन नियंत्रित रहता है और त्वचा में निखार आता है.
बथुआ साग में कई विटामिन
बथुआ साग में फाइबर, आयरन, विटामिन A और C, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करते हैं. अगर ठंड के इस मौसम में घर पर आसानी से मिलने वाला साग इतना सेहतमंद है, तो इसे क्यों न अपनाया जाए.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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