मधुबनी के डीएम आनंद शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को डीआरडीए सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी विभागों के वरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।
डीएम ने अंतर-विभागीय समन्वय और कार्यालय गतिविधियों की समीक्षा करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए आपसी समन्वय से मामलों के त्वरित समाधान का निर्देश दिया।
डीएम आनंद शर्मा(
एनओसी मामलों के तत्काल समाधान के दिए निर्देश
बैठक में डीएम ने ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और बाढ़ प्रमंडल जैसे विभागों से संबंधित भू-अर्जन, कार्यालयों व योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता, भूमि अतिक्रमण, सीमांकन और एनओसी जैसे मामलों के तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि इन मामलों का आपसी समन्वय से शीघ्र निपटारा किया जाए ताकि विकास परियोजनाओं को गति मिल सके।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने जिला नीलाम पत्र वाद, जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदन, सीपी ग्राम, मुख्यमंत्री जनता दरबार में प्राप्त आवेदन, उच्च न्यायालय में लंबित मामले, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से संबंधित मामलों की भी बारी-बारी से समीक्षा की।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के सेवांत लाभों के भुगतान संबंधी प्रस्ताव उनकी सेवानिवृत्ति से छह माह पूर्व ही सक्षम प्राधिकार को भेज दिए जाएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कर्मियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी प्रकार के सेवांत लाभ मिल सकें।
शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
मुख्यमंत्री जनता दरबार और जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा के दौरान पुलिस, राजस्व, शिक्षा और आईसीडीएस विभागों में सर्वाधिक आवेदन लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने जन शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय पर निपटाने का निर्देश दिया।
उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखकर कार्य करने को कहा, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में मौजूद पदाधिकारी।
समीक्षा के दौरान शिक्षा, भू-अर्जन कार्यालय और पुलिस विभाग में भी सबसे अधिक मामले लंबित पाए गए। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने सामाजिक सुरक्षा कोषांग से संबंधित राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और कबीर अंत्येष्टि योजना की भी विस्तृत समीक्षा की।
डीएम ने ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत पीएचईडी और पंचायती राज विभागों द्वारा छूटे हुए वार्डों के लिए नई जलापूर्ति योजना की प्रगति की समीक्षा की और कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत सरकार भवन, कब्रिस्तान घेराबंदी, महादलित विकास योजना और मंदिर घेराबंदी आदि की भी समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.