मधेपुरा में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज पछुआ हवा के कारण ठंड का असर और अधिक तीव्र महसूस किया जा रहा है। हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया है।
सुबह और शाम ही नहीं, बल्कि दिन के समय भी ठिठुरन का एहसास बना हुआ है। लोग आवश्यक काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।
एक सप्ताह से नहीं निकली धूप
बीते एक सप्ताह से जिले में धूप नहीं निकलने के कारण ठंड का असर और बढ़ गया है। हालांकि पछुआ हवा के चलते कोहरे में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन इसके साथ ही शीतलहर का प्रभाव और अधिक बढ़ गया है। सुबह के समय ठंडी हवाओं के कारण खुले इलाकों में चलना मुश्किल हो रहा है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तापमान में लगातार गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार, मधेपुरा में अगले 24 घंटों के दौरान ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है। बीते एक सप्ताह से जिले का अधिकतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। तापमान में लगातार गिरावट और तेज ठंडी हवाओं के कारण लोगों को दिन में भी ठंड का एहसास हो रहा है।
बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा
भीषण ठंड का असर बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। आम दिनों की तुलना में बाजारों में लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई है। सुबह के समय तो अधिकांश बाजार देर से खुल रहे हैं। ठंड के कारण फुटपाथी दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर जा रहा है।
अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा
ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। चौक-चौराहों पर लोग अलाव जलाकर खुद को ठंड से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं गरीब और जरूरतमंद तबके के लिए यह ठंड और भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। कई जगह सामाजिक संगठनों द्वारा कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था की जा रही है।
स्कूलों में कक्षा आठ तक की पढ़ाई पर रोक
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने आदेश जारी करते हुए सभी निजी और सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठ तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस आदेश में प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल हैं, ताकि छोटे बच्चों को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके।
उच्च कक्षाओं के लिए समय में बदलाव
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, कक्षा आठ से ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच किया जाएगा। हालांकि किसी भी बोर्ड परीक्षा से संबंधित शैक्षणिक गतिविधियों को इस आदेश से मुक्त रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
3 जनवरी तक ठंड से राहत की उम्मीद नहीं
क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र अगवानपुर के मौसम वैज्ञानिक देवन कुमार चौधरी ने बताया कि 3 जनवरी तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान ठंडी हवाएं और शीतलहर का असर जारी रह सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और ठंड से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतें।
प्रशासन ने की सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि ठंड के इस दौर में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें। ठंड से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है। फिलहाल मधेपुरा में ठंड का प्रकोप जारी है और लोग राहत के लिए धूप निकलने की आस लगाए बैठे हैं।
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