मधेपुरा में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम दुबे ने अपने चेंबर में मिडियेटरों तथा वकील संघ के अध्यक्ष एवं सचिव के साथ बैठक की। बैठक के दौरान जिला जज ने मिडिएशन प्रक्रिया को
जिला जज ने अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति के माध्यम से निपटाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के जरिए निस्तारित मामलों में न तो अपील की गुंजाइश रहती है और न ही रिवीजन की, जिससे न्यायिक प्रक्रिया तेज, सरल और सुलभ बनती है।
31 मार्च तक संचालित होगा अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव पूजा कुमारी साह ने बताया कि यह अभियान 2 जनवरी से 31 मार्च तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत 31 जनवरी तक मिडिएशन के लिए उपयुक्त मामलों की पहचान की जाएगी। अभियान के अंतर्गत एमएसीटी, वैवाहिक (मेट्रोमोनियल) विवाद, एनआई एक्ट से जुड़े मामले तथा अन्य कंपाउंडेबल मामलों को मिडिएशन सेंटर में भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि पिछले मिडिएशन ड्राइव के दौरान 93 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण मिडिएशन सेंटर के माध्यम से किया गया था। सचिव ने कहा कि मिडिएशन 2.0 अभियान के तहत इस बार भी अधिक से अधिक मामलों को वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली के जरिए समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
धन की बचत करेगा अभियान
यह अभियान न केवल समय और धन की बचत करेगा, बल्कि पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान को भी बढ़ावा देगा। इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राज किशोर यादव सचिव सदानंद यादव, लोग अभियोजक विवेक कुमार सिंह समेत अन्य मौजूद थे।
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