लेफ्टिनेंट जनरल कुलवंत सिंह मान। फाइल
हरियाणा के पंचकूला में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान को ऑटो ने कुचल दिया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई। लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान के शव को सेक्टर-6 अस्पताल में रखवाया गया है।
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पंचकूला मनसा देवी सेक्टर-4 निवासी कुलवंत सिंह मान 9 जनवरी की शाम को साढे 5 बजे सैर के लिए निकले थे। उन्हें डॉल्फिन चौक के पास ऑटो ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के कारण वे बेहोश होकर गए। जिनके सिर व पेट से खून बह रहा था। उन्हें घायल अवस्था में पंचकूला के कमांड अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर 10 जनवरी को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। ब्रेन पर चोट बनी मौत की वजह डॉक्टरों के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान को तीन जगह पर चोट लगी थी। ब्रेन पर चोट लगने के कारण ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई। जो उनके मौत की वजह बनी। उनके सिर से अत्यधिक खून भी हादसे के कारण बह गया था।
अंतिम संस्कार के लिए बेटे का इंतजार
कर्नल कुलवंत सिंह मान की पत्नी सुखजीवन कौर के अलावा परिवार में दो बेटे हैं। उनके एक बेटे हरप्रीत मान सेना में कर्नल रहे हैं। वहीं उनके बेटे जसप्रीत मान कनाडा पुलिस में अफसर हैं। जिनके घर लौटने का इंतजार किया जा रहा है। जो 12 जनवरी को पंचकूला पहुंचने की उम्मीद है, उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। बिहार 12वीं बटालियन के फर्स्ट कमांडिग अफसर
भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान ने 1 जनवरी 1976 को दानापुर में 12वीं बिहार बटालियन की स्थापना की। इसके पहले कमांडिंग ऑफिसर (लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में) बने। उनकी विशिष्ट सैन्य सेवा के लिए उन्हें PVSM (परम विशिष्ट सेवा पदक) और AVSM (अति विशिष्ट सेवा पदक) जैसे उच्च सैन्य सम्मानों से नवाजा गया था।
सेवानिवृत्ति के बाद, वे चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के सक्रिय सदस्य थे। उनके दो बेटे हैं—एक भारतीय सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं और दूसरे कनाडाई पुलिस में सेवा दे रहे हैं।
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