मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से लगभग पांच दिन पूर्व भटककर बारां जिले के रामगढ़ क्षेत्र में पहुंचा चीता (केपी-2) लगातार मूवमेंट कर रहा है। वन विभाग एवं कूनो से आई विशेषज्ञ टीम उसके हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। गुरुवार को चीता कूनो से करीब 40 किलोमीटर दूर रामगढ़ क्रेटर के समीप बह रही कूल नदी के पास दिखाई दिया। बीते दिनों उसने यहाँ एक नीलगाय का शिकार भी किया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार चंद्रपुरा नयागांव से लगभग दो किलोमीटर दूर नदी क्षेत्र में चीता विचरण करता देखा गया। बताया जा रहा है कि पहाड़ी इलाकों से जल उपलब्धता के कारण वन्यजीव अक्सर आबादी की ओर खिसकते हैं। विभाग का कहना है कि कूनो और बारां के जंगलों के बीच प्राकृतिक कॉरिडोर मौजूद है, जहाँ पार्वती, कूल, कूनो और कालापट्टा जैसी नदियों के किनारे जंगल व लम्बे घास के मैदान फैले हुए हैं। यही कारण है कि चीता आसानी से बारां के जंगलों तक पहुँच जाता है। यहाँ हिरण, नीलगाय सहित पर्याप्त प्रे-बेस उपलब्ध है, जिससे यह क्षेत्र उसके लिए अनुकूल साबित हो रहा है।
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कूनो से पिछले समय में भी कई बार चीते बारां क्षेत्र में आए हैं। सबसे पहले चीता अग्नि केलवाड़ा के निकट खंडेला के घास के मैदानों में पहुँचा था। इसके बाद चीता ‘वीरा’ शाहाबाद क्षेत्र में लगभग तीन दिन तक रुका था। वर्तमान में केपी-2 रामगढ़ क्षेत्र में सक्रिय है और ऐसी संभावना है कि भविष्य में भी इस प्रकार का मूवमेंट जारी रह सकता है।
वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सावधानी बरतने, घरों से अनावश्यक बाहर न निकलने तथा घटनास्थल से दूरी बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल टीम चीते को सुरक्षित रूप से उसके मूल क्षेत्र की ओर लौटाने के प्रयास में जुटी है। अभी तक उसे ट्रेंक्यूलाइज नहीं किया गया है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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