पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां तैनात एक निम्न वर्गीय लिपिक (LDC) ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित कर्मचारी आशीष कुमार ने आरोप लगाया कि एसडीएम अनुपम कुमार ने उनके साथ अभद्रता की, मारपीट की और जबरन त्यागपत्र लिखवा लिया।
आशीष कुमार ने एससी-एसटी थाने में दिए आवेदन में बताया कि एसडीएम का कर्मचारियों के प्रति व्यवहार अक्सर तानाशाहीपूर्ण रहता है। घटना के दिन एसडीएम ने उन पर हमला किया और दबाव बनाकर इस्तीफा लिखवाया। आशीष ने कहा कि वरीय अधिकारी होने के कारण अब तक कोई कुछ नहीं बोल पाता था, लेकिन जब मामला मारपीट और जबरन इस्तीफे तक पहुंचा, तो उन्हें कानून का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
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इस घटना के विरोध में कर्मचारी संगठन भी लामबंद हो गए हैं। संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने पूर्णिया एसपी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एसडीएम अनुपम कुमार ने इसे बेबुनियाद बताया। एसडीएम ने कहा कि आपदा विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें लंबे समय से लंबित थीं। बार-बार निर्देश देने के बावजूद कर्मचारी कार्य में प्रगति नहीं दिखा रहा था। जब काम को लेकर पूछताछ की गई, तो कर्मचारी ने अपनी गलती मानने के बजाय इसे धमकाने का रूप दे दिया।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि वह जनता के प्रति जवाबदेह हैं। मौके पर अवर निर्वाची पदाधिकारी और सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। उनका कहना था कि उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं था, बल्कि सरकारी काम को समय पर पूरा कराना था।
हालांकि, पुलिस को आवेदन प्राप्त हो चुका है, लेकिन अभी तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन के दो महत्वपूर्ण अंगों के बीच छिड़ी इस जंग ने अनुमंडल कार्यालय के कामकाज पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। अब वरीय अधिकारियों की जांच रिपोर्ट ही इस विवाद का समाधान तय करेगी।
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