पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर्स की गुप्त बैठक पीओके के मुजफ्फराबाद में आयोजित हुई। 20 जनवरी की देर रात शुरू हुई इस बैठक में लश्कर के पीओके चीफ रिजवान हनीफ ने भारत के खिलाफ आतंकवाद फैलाने की बड़ी साजिशें रची गई। इन साजिशों के तहत आईएसआई ने लश्कर-ए-ताइबा और जैश ए मुहम्मद को 26 जनवरी को पंजाब के माध्यम से पूरे देश में अस्थिरता फैलाने का बड़ा टास्क दिया।
इसके लिए पंजाब के गैंगस्टरों और विदेश में बैठे आतंकियों के गुर्गों को हथियार सप्लाई करने की पूरी व्यवस्था की गई। इस बैठक में पंजाब के आतंकियों और गैंगस्टरों को न सिर्फ गणतंत्र दिवस पर अस्थिरता फैलाने का पूरा रोड मैप दिया गया बल्कि उसके बाद भी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की रणनीति बनाई गई।
पीओके के मुजफ्फराबाद में हुई आतंकियों की इस बैठक की पूरी रिपोर्ट और उस बैठक की एक्सक्लूसिव तस्वीरें भी अमर उजाला के पास मौजूद हैं। फिलहाल केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पंजाब पुलिस ने कुछ आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि कई और गैंगस्टर गणतंत्र दिवस पर बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में लगे हैं।
आतंकियों को आजाद कराने के मंसूबे
सूत्रों के मुताबिक 20 जनवरी की देर रात को मुजफ्फ़राबाद में लश्कर-ए-ताइबा के पीओके चीफ रिजवान हनीफ और उसके सेकंड इन कमांड आमिर जिया समेत आईएसआई का पूर्व एजेंट और अब पीओके में आतंकियों के बीच की कड़ी अब्दुल्लाह शफीक समेत जैश ए मुहम्मद का कमांडर मोहम्मद शोएब शामिल था। करीब 5 घंटे तक चली इस गुप्त बैठक में आतंकियों ने सबसे पहले आतंकी यासीन मलिक और आयशा अंदराबी को लेकर चर्चा की।
- इस दौरान तय हुआ कि 23 जनवरी को कश्मीर घाटी में माहौल खराब करने के लिए पोस्टर्स लगाए जाएं और दोनों आतंकियों की आजादी के लिए खतरनाक घटनाओं को अंजाम दिया जाए।
भारत को अस्थिर करने का खींचा गया खाका
पीओके में लश्कर के चीफ रिजवान हनीफ को आईएसआई के पूर्व कैप्टन अब्दुल्लाह शफीक ने गणतंत्र दिवस पर पंजाब के माध्यम से भारत को अस्थिर करने का पूरा खाका साझा किया। इस दौरान पंजाब के 153 आतंकी हैंडलरो और गैंगस्टरों के नामों पर भी चर्चा हुई।
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