{“_id”:”698b2ac7dfce151d560dcd2e”,”slug”:”lab-services-remained-stalled-in-reckong-peo-till-noon-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-153884-2026-02-10″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Rampur Bushahar News: रिकांगपिओ में भी दोपहर तक ठप रहीं लैब सेवाएं”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर के क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में मंगलवार को वेतन न मिलने पर क्रस्ना लैब के कर्मचारियों ने मोर्चा खोला। दो माह से वेतन न मिलने पर आक्रोशित कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह से दोपहर 12:00 बजे तक सांकेतिक हड़ताल की। इससे अस्पताल की लैब सेवाएं दो घंटे तक ठप रहीं और मरीजों को टेस्ट के लिए परेशान होना पड़ा। मंगलवार सुबह जब दूरदराज के गांवों से मरीज टेस्ट करवाने क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें लैब के बाहर ताले लटके मिले। खून की जांच, एक्सरे और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं दोपहर तक बंद रहीं। इससे न केवल ओपीडी में आए मरीजों को परेशानी हुई, बल्कि अस्पताल में दाखिल मरीजों की नियमित जांच में भी देरी हुई। वहीं, कर्मचारियों का कहना है कि वे मरीजों को परेशान नहीं करना चाहते हैं, लेकिन खाली जेब के साथ काम करना अब उनके लिए मुमकिन नहीं रह गया है। क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स के लैब प्रभारी अविनाश नेगी ने कहा कि कर्मचारियों को दिसंबर और जनवरी महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला है। आज महंगाई के दौर में दो महीने तक बिना वेतन के गुजर-बसर करना किसी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि लैब में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी बाहरी क्षेत्रों से संबंध रखते हैं, जिनके लिए रिकांगपिओ जैसे स्थान पर कमरे का किराया देना और राशन का प्रबंध करना अब मुश्किल हो गया है। मकान मालिक किराये के लिए दबाव बना रहे हैं और दुकानदारों ने उधार देना बंद कर दिया है। कर्मचारियों ने कहा कि वेतन न मिलने का सीधा असर उनके बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। स्कूल फीस न भर पाने के कारण अभिभावक मानसिक तनाव में हैं। लैब प्रभारी ने कहा कि कई कर्मचारी अपने दैनिक खर्चों के लिए दूसरों से कर्ज लेने को मजबूर हैं, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति दयनीय होती जा रही है। प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद अभी तक केवल आश्वासन ही मिला है। कर्मचारियों ने प्रबंधन को चेताया है कि दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल तो महज एक शुरुआत है। यह सरकार और प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है कि वे कर्मचारियों की जायज मांगों को हल्के में न लें। कहा कि यदि जल्द उनके खातों में दिसंबर और जनवरी माह का लंबित वेतन जारी नहीं किया गया, तो वे आने वाले समय में पूर्णकालिक और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। यदि ऐसा हुआ तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है, जिसकी जिम्मेदारी क्रसना डायग्नोस्टिक प्रबंधन की होगी।