फरीदकोट में अपने निवास स्थान पर बातचीत करते विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां
पंजाब के फरीदकोट में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने 328 पावन स्वरूप गायब होने के मामले को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने एसजीपीसी से राजनीति करने के बजाय इस मामले की जांच में सहय
हाल ही में एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पावन स्वरूप गायब होने के मामले में सरकार पर धार्मिक मामलों में दखल देने के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों पर शुक्रवार को फरीदकोट के गांव संधवां में अपने निवास स्थान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि यह बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।
इसमें एसजीपीसी को सहयोग करते हुए गायब हुए पावन स्वरूपों के मामले को सुलझाने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पिछले पांच वर्षों से एसजीपीसी के खिलाफ अमृतसर में धरना दिया जा रहा था, लेकिन एसजीपीसी ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरा करने की बजाय उल्टा उन पर मामले दर्ज करवा दिए।
सरकार ने इस गंभीर मामले में एक जांच रिपोर्ट के आधार पर अमृतसर में केस दर्ज कर अपना फर्ज निभाया है और अब एसजीपीसी को भी जांच में सहयोग कर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
मामले को रफा दफा करने की कोशिश में रही एसजीपीसी – स्पीकर संधवां
स्पीकर संधवां ने एसजीपीसी पर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश के भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को दबाने के लिए छापेखाने में आग तक लगवाई गई। आग के मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 328 पावन स्वरूप चोरी होने का मामला लंबे समय से सुर्खियों में है। राज्य सरकार ने दखल देते हुए एक जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
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