Success Story: बूंदी जिले के इंदरगढ़ निवासी डॉ. मनोज जैन ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा को अपना संकल्प बनाया और आज हजारों विद्यार्थियों को सरकारी सेवाओं के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं. जुलाई 1995 में कोटा आए, गवर्नमेंट कॉलेज से बीए और बाद में बीएड पूरा किया. वर्ष 2013 में कोटा विश्वविद्यालय से पीएचडी प्राप्त की. किराए के कमरे से शुरुआत कर उन्होंने 2007 में काव्य क्लासेज की स्थापना की, जो आज कोटा और हाड़ौती संभाग के विद्यार्थियों के लिए प्रेरक मंच बन गया है. सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं.
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