कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र के 100 सीटर कन्या छात्रावास में छात्राओं के अजीब गतिविधियों को लेकर परिजनों में डर फैल गया है। भूत-प्रेत की आशंका जताते हुए कई पेरेंट्स अपनी बेटियों को छात्रावास से घर ले जा रहे हैं। अब तक पांच छात्राओं को उनके परिजन गांव वापस ले जा चुके हैं। बीते कुछ दिनों से छात्रावास की लगभग एक दर्जन छात्राओं की तबीयत बिगड़ने और उनके व्यवहार में बदलाव की खबरें सामने आईं। यह जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों से परिजन पोड़ी पहुंचे। ग्रामीण अंचल से आए कुछ अभिभावकों ने इसे भूत-प्रेत से जोड़कर देखा और आशंका के चलते अपनी बेटियों को छात्रावास में रखने से इनकार कर दिया। नाम न छापने की शर्त पर एक रिश्तेदार ने बताया कि पहले भी इस तरह की घटनाएं देखी गई हैं। इसी डर के कारण कुछ परिजन मालवाहन लेकर छात्रावास पहुंचे और अपनी बेटियों को सामान सहित गांव वापस ले गए। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। डीईओ ने किया छात्रावास का निरीक्षण इस पूरे मामले की जानकारी छात्रावास अधीक्षिका ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय को दी। सूचना मिलने पर शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एचआर दयाल भी उनके साथ थे। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि छात्राएं परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव में थीं। बातचीत और समझाइश के बाद यह स्पष्ट हुआ कि किसी तरह की अलौकिक घटना नहीं हुई है। छात्राओं को समझाया गया कि भूत-प्रेत जैसी बातें अंधविश्वास हैं और उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। अधीक्षिका को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों को बुलाकर स्थिति स्पष्ट करें और छात्राओं का मनोबल बढ़ाएं। एग्जाम के प्रेशर से तबीयत में बदलाव स्वाभाविक शिक्षा विभाग का कहना है कि परीक्षा के समय सामूहिक तनाव के कारण छात्राओं की तबीयत और व्यवहार में बदलाव आना स्वाभाविक है। विभाग ने छात्रावास में नियमित निगरानी, आवश्यकतानुसार परामर्श और अभिभावकों से लगातार संवाद बनाए रखने की बात कही है। फिलहाल छात्रावास में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
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