काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूबे का 26वां राज्य विश्वविद्यालय बन गया है। बुधवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इसका अनुमोदन कर दिया है। विधान मंडल के दोनों सदनों से जल्द ही अन्य प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विश्वविद्यालय बनने के बाद जिले के तीन राजकीय सहित 20 महाविद्यालय अब केएनपीजी कॉलेज से जुड़ जाएंगे।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को लंबे समय से विश्वविद्यालय बनाने की मांग हो रही थी। एक अगस्त 1951 को स्थापित इस महाविद्यालय ने 75 साल में उच्च शिक्षा में मानकों को स्थापित किया है। बीते दिनों जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 एकड़ जमीन की उपलब्धता होने पर महाविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने का वादा किया था। उन्होंने जिला प्रशासन को जमीन की तलाश करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीएम शैलेश कुमार ने स्थानीय स्तर पर जमीन की तलाश कराई।
राजस्व टीम की ओर से केएनपीजी की जमीन की पैमाइश कराई गई। महाविद्यालय के पास खुद की लगभग 63 एकड़ जमीन है। जमीन की उपलब्धता के बाद जिलाधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग की टीम महाविद्यालय का निरीक्षण करने आई।
20 से 25 दिन पहले विधानसभा की अंतरिम कैबिनेट की बैठक में महाविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय बनाने पर मुहर लगाई गई, हालांकि कुछ तकनीकी कमी के कारण मामला रुक गया। बुधवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने केएनपीजी को राज्य विश्वविद्यालय बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी। राज्यपाल से अनुमोदन मिलने के बाद से ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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