किन्नौर, रामपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने सरकार द्वारा संचालित पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को एक
घटना के वक्त पीडि़ता की उम्र 16 साल थी। दोषी युवक उसे जबरदस्ती ले गया और एक साल तक अपने पास रखा और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था। 2024 में पीडि़ता को उसके घर छोड़कर भाग गया। SFSL रिपोर्ट के साथ इस मामले में 19 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चन्देल ने की।
सिलसिलेवार जानिए घटना के बारे में: जान से मारने की धमकी देकर ले गया
- घटना दिसंबर 2022 की है। उस समय पीड़िता की उम्र 16 वर्ष थी और वह अपनी नानी के पास रहती थी। एक दिन पीड़िता स्कूल जा रही थी, तभी आरोपी राहुल पुत्र बृज लाल, निवासी गांव चलुना, डाकघर शिवान, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला, उसे जबरदस्ती भगाकर कसौली (जिला सोलन) ले गया। वहां आरोपी ने उसे 2-3 अलग-अलग किराए के मकानों में रखकर लगभग एक वर्ष तक पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए।
- पीड़िता द्वारा पुलिस या न्यायालय में शिकायत करने की कोशिश करने पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देता था। इसके बाद आरोपी पीड़िता को कसौली से अपने गांव ले गया, जहां उसने करीब 5-6 महीने तक उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। आरोपी पीड़िता को धमकाता था कि 18 वर्ष की उम्र पूरी होने तक उसे बंद कमरे में उसी के साथ रहना पड़ेगा, अन्यथा वह उसे मार देगा।
2024 में पीडि़ता को उसके घर छोड़कर भाग गया था राहुल
2024 में आरोपी पीड़िता को उसके घर छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता ने थाना कुमारसैन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। मुकदमे के दौरान अदालत में कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
उप जिला न्यायवादी कमल चन्देल ने बताया कि मामले में 23 वर्षीय राहुल, पुत्र बृज लाल, निवासी गांव चलुना, डाकघर शिवान, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला को भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया। उसे 20 साल के कठोर कारावास के साथ 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
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