हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि चिट्टा तस्करी में संलिप्तता की शिकायत पर तीन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा ने यह जानकारी दी। उपायुक्त डॉ. शर्मा ने पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों को युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करने के लिए आपसी तालमेल से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जिले में चिट्टा तस्करों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। सरकारी भूमि पर उगी भांग को किया नष्ट पुलिस ने मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ सरकारी भूमि पर उगी भांग को भी बड़े स्तर पर नष्ट किया है। उपायुक्त ने यह भी बताया कि किन्नौर के कल्पा में एक नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र सुचारू रूप से कार्य कर रहा है, जहां युवाओं का वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जा रहा है। जिले में खुफिया तंत्र को किया मजबूत पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि जिले में खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया है और देर रात वाहनों की चेकिंग बढ़ाई गई है। उन्होंने जनता से अपील की कि नशे के सौदागरों से संबंधित जानकारी टोल-फ्री नंबर 112 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। कई अधिकारी रहे मौजूद पंचायत स्तर पर भी प्रबुद्ध लोगों को इस मुहिम का हिस्सा बनाया जा रहा है।इस बैठक में जिला कल्याण अधिकारी नितिन राणा, सहायक आबकारी आयुक्त ऋषभ कुमार सहित स्वास्थ्य और वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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