रामनगरी अयोध्या में मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष 15 जनवरी को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला को विशेष रूप से खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाएगा। साथ ही विशेष पूजन कर तिल, गुड़ और अन्य सात्विक पदार्थ भी अर्पित किए जाएंगे।
मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल का आरंभ माना जाता है। इसी कारण इस दिन स्नान, दान और पूजन का विशेष महत्व है। पंडित कौशल्यानंदन वर्धन बताते हैं कि मकर संक्रांति 14 जनवरी की रात 9:39 बजे ही लग रही है, लेकिन संक्रांति का पुण्यकाल सूर्येादय के बाद ही मान्य होगा।
15 जनवरी को सुबह से दोपहर एक बजकर 39 मिनट तक का समय पुण्य प्राप्ति के लिए ज्यादा लाभकारी होगा। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति सूर्य और शनिदेन से जुड़ा पर्व है। इसमें सूर्य शनिदेव के घर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। खिचड़ी शनिदेव को प्रिय है और यह नवग्रहों का प्रतीक मानी जाती है, जिससे ग्रह दोष शांत होते हैं।
वहीं रामनगरी के मठ-मंदिरों में भी मकर संक्रांति को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हनुमानगढ़ी, कनकभवन, दशरथ महल समेत अन्य प्रमुख मंदिरों में भगवान को तिल और खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाएगा। श्रद्धालु सरयू स्नान के बाद दान-पुण्य कर भगवान के दर्शन करेंगे।
इस दिन अन्न, तिल, वस्त्र और कंबल दान को विशेष फलदायी बताया गया है। रामनगरी में कई स्थानों पर खिचड़ी भोज का भी आयोजन किया जाएगा। दशरथ महल, मणिराम दास की छावनी, श्रीराम बल्लभाकुंज, हनुमान बाग, सियाराम किला सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं को खिचड़ी का प्रसाद बांटा जाएगा।
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