जिले के सनावद से साइबर अपराध का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पॉलिटेक्निक कॉलेज के एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगों ने 10 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग प्रोफेसर को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी दी।
सनावद पॉलिटेक्निक कॉलेज के मैकेनिकल विभाग के पूर्व इंचार्ज शशिकांत कुलकर्णी को ठगों ने वीडियो कॉल कर खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी अमर सिंह बताया। कॉल करने वालों ने दावा किया कि आतंकवादी संगठन से जुड़े खातों के जरिए करीब सात करोड़ रुपये उनके बैंक खाते में ट्रांसफर हुए हैं। इस गंभीर आरोप के सहारे प्रोफेसर को लगातार दो दिन तक वीडियो कॉल पर रखकर डराया गया और दिल्ली बुलाकर पूछताछ करने की बात कही गई।
प्रोफेसर द्वारा उम्र और शारीरिक असमर्थता का हवाला देने पर ठगों ने मामले के निपटारे का झांसा दिया और एक अन्य खाते में 10 लाख रुपये आरटीजीएस कराने का दबाव बनाया। 11 जनवरी को राशि ट्रांसफर होने के बाद भी ठग नहीं रुके और खाता फ्रीज न करने के बदले दोबारा पैसों की मांग करने लगे।
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संदेह होने पर पीड़ित प्रोफेसर ने साइबर सेल और पुलिस से संपर्क किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि दिल्ली पुलिस में इस तरह का कोई भी मामला दर्ज नहीं है। इसके बाद प्रोफेसर शशिकांत कुलकर्णी ने मोबाइल नंबरों की जानकारी के साथ सनावद थाने में 10 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शकुंतला रूहल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सेवानिवृत्त प्रोफेसर अपने पुत्र के साथ थाने पहुंचे थे और डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी की शिकायत की है। प्रारंभिक जांच में 10 लाख रुपये की ठगी होना सामने आया है। ठगों ने आधार कार्ड के दुरुपयोग और आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का डर दिखाकर आरटीजीएस के जरिए रकम ट्रांसफर कराई। फिलहाल प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और यह जांच की जा रही है कि कॉल कहां से आई और राशि किन खातों में गई।
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