नगर काउंसिल खन्ना के प्रधान कमलजीत सिंह की अगुवाई में हुई मासिक बैठक में 20 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिए गए। बैठक में सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में 20 प्रस्ताव में स्ट्रीट लाइटों से संबंधित टेंडर को रद्द करने का निर्णय लिया गया ताकि नई प्रक्रिया के माध्यम से बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। वहीं फोकल प्वाइंट क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये के करीब खर्च करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
पार्षद संदीप घई ने कहा कि फोकल प्वाइंट काउंसिल के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। प्रोटोकोल के मुताबिक वहां खर्च नहीं किया जा सकता। अगर काउंसिल के पास निजी फंड उपलब्ध है, तो वार्ड नंबर 13 और 14 में गंदे पानी की निकासी की समस्या को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि वहां के निवासी लंबे समय से दूषित पानी और बीमारियों की समस्या से जूझ रहे हैं। जिस वजह से 14 मौतें भी हो चुकी हैं।
बैठक में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 6 लाख रुपये का प्रस्ताव भी रखा गया। इस पर सवाल उठाते हुए पार्षद ने कहा कि पहले भी इसी उद्देश्य से कार्यक्रम शुरू किया जा चुका है, इसलिए खर्च की पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसे रद्द कर यह पैसे सही जगह लगाए जाएं।
वहीं, आम आदमी पार्टी के पार्षद परमजीत सिंह (पोंपी) ने काउंसिल प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपये के टेंडर अपने व विशेष वार्डों में लगा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधान केवल कुछ वार्डों के प्रतिनिधि हैं या पूरे शहर के। पार्षद ने कहा कि विकास होना चाहिए, लेकिन समान रूप से — किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं।
काउंसिल प्रधान कमलजीत सिंह ने कहा कि पार्षदों द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों को बैठक में एजेंडा से बाहर होने के बावजूद चर्चा के लिए शामिल कर लिया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित समस्याओं पर विचार कर समाधान निकाला जाएगा।
प्रधान ने आम आदमी पार्टी पार्षद द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सभी टेंडर नियमों के अनुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जारी किए जा रहे हैं।
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